राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ी घटना टल गई। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं समेत चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, घटना सुकुल देहान क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि दो महिलाएं कार से फूलबासन बाई यादव के घर पहुंचीं और किसी काम के बहाने उन्हें अपने साथ ले गईं। आरोप है कि कार में बैठाने के बाद उनका मुंह दबाकर आरोपी नेशनल हाईवे की ओर भागने लगे।
वाहन चेकिंग में खुला राज
इसी दौरान इलाके में ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन की सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे रोक लिया। पूछताछ के दौरान गाड़ी में बैठी फूलबासन बाई यादव ने इशारों में पुलिस को बताया कि उन्हें जबरदस्ती ले जाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन में सवार सभी लोगों को हिरासत में ले लिया।
आरोपियों ने बनाया था बहाना
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा कि फूलबासन बाई को मिर्गी का दौरा पड़ा है, इसलिए उनका मुंह दबाकर रखा गया है। लेकिन फूलबासन बाई के संकेत देने पर पुलिस को शक हुआ और सच्चाई सामने आ गई।
मुख्य आरोपी ने रची साजिश
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी खुशबू साहू (निवासी भौरी, थाना बेरला, जिला बेमेतरा) ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। उसके साथ दो अन्य सहयोगी भी शामिल थे। सभी मिलकर फूलबासन बाई यादव को जबरन वाहन में बैठाकर ले जा रहे थे।
पुलिस कर रही गहन जांच
एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि फिलहाल दो महिलाओं और दो पुरुषों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का मकसद क्या था और फूलबासन बाई को कहां ले जाया जा रहा था।









