
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के लिंगनपल्ली CRPF 217BN के जवान रितेश रंजन के अपने ही साथियों को गोलियों से भूनने के मामले में एक जानकारी निकल कर आ रही है। CRPF कैंप के कुछ सूत्रों ने बताया है कि, ड्यूटी खत्म होने के बाद रोज जवानों के बीच मजाक मस्ती चलती थी। रविवार को भी कैंप के बैरक में साथी किसी बात पर रोज की तरह मजाक कर रहे थे, लेकिन रितेश को मजाक बुरा लगा। रितेश और जवानों के बीच थोड़ी अनबन भी हुई थी। जिससे वह साथियों के बीच से हट गया था। कैंप के अंदर स्थित जिस बैरक में रितेश रहता था उसी बैरक में अन्य 9 जवान भी रहते थे।
बताया जा रहा है कि, रविवार-सोमवार की रात रितेश की कैंप में संतरी की ड्यूटी लगी थी। रात करीब 3 बजे वह ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार हो रहा था। इस समय बैरक में मौजूद अन्य जवान गहरी नींद में सोए हुए थे। रात लगभग 3:15 मिनट पर रितेश ने अपनी सर्विस रायफल AK-47 उठाई और बैरक के गेट पर खड़े होकर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी।
इस दौरान उसने सामने की तरफ सोए कुल 7 लोगों को तो गोलियों से भून दिया, लेकिन पीछे की तरफ सोए 2 जवानों तक गोलियां नहीं पहुंच सकी। उन्होंने किसी तरह से खाट के नीचे छिप कर अपनी जान बचाई।











