बिलासपुर के युवक अपने आप को नेता बताकर जालसाजी करता रहा और अपने करीबी व परिचितों के रिश्तेदारों को रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा देकर उगाही करता रहा। आरोपी ने अपने निजी सुरक्षा कर्मी को भी नहीं छोड़ा और उसके रिश्तेदारों को नौकरी लगाने के नाम पर साढ़े 9 लाख रुपए वसूल लिए। दरअसल, आरोपी युवक लोगों को झांसे में लेने के लिए केंद्रीय व प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं के साथ तस्वीर खींचाकर सोशल मीडिया में वायरल करता था और उनके करीबी होने का दावा करता था। उसके झांसे आने वाले पीड़ित सुरक्षा कर्मी ने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सकरी क्षेत्र के दीनदायल आवास कॉलोनी निवासी मो. अकबर खान (45) निजी सुरक्षाकर्मी का काम करता है। दो साल पहले वह तालापारा निवासी समीर खान के यहां काम करता था। समीर खान दिल्ली और छत्तीसगढ़ के बड़े नेताओं से मिलता था और उनके साथ फोटो खींचाकर सोशल मीडिया में वायरल करता था। 2019 में वह गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी से मिलने गया था। वह अपने साथ अकबर को भी दिल्ली ले गया। अकबर को लगा कि बड़े नेताओं से उसका संबंध है तो वह अपने रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी लगवाने की गुजारिश करने लगा।
समीर ने उसे रेल मंत्री पीयूष गोयल व सुरेश प्रभु से भी करीबी संबंध होने की बात कही और उसके रिश्तेदारों को रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा दिया। उसकी बातों में आकर अकबर ने अपने साले रेयान खान और बिहार के विक्रमगंज जिला रोहताश के रिश्तेदार औरंगजेब की नौकरी लगाने की बात कही। अकबर ने रिश्तेदारों से साढ़े नौ लाख रुपए लेकर समीर को दे दिया। 2020 में समीर ने उनके रिश्तेदारों की नौकरी नहीं लगवा पाने की बात कही। इस पर उन्होंने अपने रकम वापस मांगा तो समीर टालमटोल करने लगा। आखिरकार अकबर ने मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। पुलिस ने आरोपी समीर खान के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।











