Tuesday, September 29, 2026

सरपंच-सचिव द्वारा विभिन्न मदों की सरकारी राशि का मनमानी से किया गया उपयोग,,CEO ने दस्तावेजों के साथ तलब किया, निगाहें कार्यवाही की ओर..

विकासखंड करतला के ग्राम पंचायत कथरीमाल में सरपंच और सचिव के द्वारा मूलभूत, 14वें वित्त एवं 15वें वित्त की राशि सहित अन्य मद से प्राप्त शासकीय राशि से किए गए कार्य व खर्च पर सवाल उठाए गए हैं। इनका भौतिक सत्यापन की मांग जिला प्रशासन से की गई है।

आरोप है कि सरपंच-सचिव द्वारा विभिन्न मदों की सरकारी राशि का मनमानी ढंग से उपयोग किया गया है तथा जमीनी स्तर पर कार्य व खर्च कम हुआ है और लागत अधिक लिखा गया है। वर्तमान सरपंच के कार्यकाल में दो बार ग्राम सभा हुई जिसमें जानकारी मांगने पर सरपंच पति सुखनंदन बियार के द्वारा दबाव बनाया जाकर कहा जाता है कि जांच में जो अधिकारी आएंगे, उसे सब कुछ दिखाएंगे। सूचना का अधिकार में आधी-अधूरी जानकारी देने से गबन की आशंका और बढ़ी। विभिन्न कार्यों एवं उसकी खर्च राशि का विस्तृत ब्यौरा कलेक्टर को देते हुए 2 नवंबर 2021 को शिकायत रूपचंद कैवर्त के द्वारा की गई। इस शिकायत पर जांच शुरू हुई लेकिन लीपा-पोती की आशंका जताई गई। रूपचंद कैवर्त ने 14 दिसंबर 2021को जन चौपाल में पुन: कलेक्टर से शिकायत करते हुए कहा कि जांचकर्ता करारोपण अधिकारी चंद्रभान सिंह बियार के द्वारा उसके घर आकर परिवार के लोगों से एक दस्तावेज में दस्तखत करा लिया गया जबकि वह स्वयं मोबाईलधारक है। जांच अधिकारी ने फोन पर उससे जानकारी लेना उचित नहीं समझा। इस तरह की कृत्यों से आशंका है कि जांच में लीपा-पोती की जा सकती है क्योंकि करारोपण अधिकारी उनका फोन नहीं उठाता और कई बार लगाने पर बंद कर देता है। आवेदक रूपचंद कैवर्त ने शिकायत पर जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत द्वारा की गई कार्यवाही का जिक्र करते हुए कथरीमाल के सरपंच-सचिव पर उचित कार्यवाही का आग्रह किया था।

अब करतला जनपद के सीईओ एमआर कैवर्त द्वारा सरपंच/सचिव एवं पूर्व सचिव को सूचना प्रेषित कर 12 फरवरी को सुबह 11 बजे पंचायत भवन में उपस्थित होने कहा गया है। पूर्व सचिव शिवचरण बिंझवार को भी समस्त दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। देखना यह है कि सीईओ के द्वारा की जाने वाली जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और किस तरह की कार्यवाही भ्रष्टाचार पर सुनिश्चित होती है। बता दें कि करतला जनपद सीईओ के द्वारा जारी प्रतिवेदन के आधार पर लापरवाह 7 मनरेगा रोजगार सहायकों को पद से पृथक किया गया है एवं अमलडीहा के सचिव पर निलम्बन की कार्यवाही हुई है। सीईओ की इस सख्त कार्यशैली से उम्मीद है कि भ्रष्टाचार करने वालों पर दंडात्मक कार्यवाही होगी