Sunday, May 17, 2026

1 जुलाई से नई रोजगार गारंटी योजना लागू: 125 दिन का काम, 15 दिन में मजदूरी भुगतान का प्रावधान

एक जुलाई से लागू होगी नई रोजगार गारंटी व्यवस्था, 100 के बजाय 125 दिन मिलेंगे काम, 15 दिनों में मजदूरी का भुगतानरायपुर। छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से नई रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू होने जा रही है। विष्णुदेव साय ने बताया कि ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025’ के तहत अब ग्रामीण परिवारों को पहले के 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, जो 25 प्रतिशत अधिक है।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्यों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में (DBT) साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति भी मिलेगी।

केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 95,692 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट प्रावधान किया है, जबकि राज्यों के अंशदान सहित कुल खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। साथ ही पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य चयन के अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे जल संरक्षण, कृषि अधोसंरचना जैसे स्थायी कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार ने संक्रमण को आसान बनाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। वर्तमान मनरेगा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए कार्ड जारी नहीं हो जाते। 30 जून 2026 तक चल रहे सभी कार्य बिना बाधा जारी रहेंगे और 1 जुलाई से स्वतः नई योजना में शामिल हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे ग्रामीण समृद्धि और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता और विकास को नई गति मिलेगी।