
कोरबा किसानों की लड़कियाँ अच्छी वर्षा एवं भरपूर भंडार देने वाली फसल की कामना करते हुए फसल के प्रतीकात्मक रूप से भोजली का आयोजन करती हैं। रक्षाबंधन की पूजा में इसको भी पूजा जाता है और धान के कुछ हरे पौधे भाई को दिए जाते हैं या उसके कान में लगाए जाते हैं।
छत्तीसगढ़ के त्यौहार भोजली में कोरबा जिले में भी आयोजन किए जाएंगे। जबर भोजली रैली के आयोजन के साथ विलुप्त हो रही भोजली त्यौहार की खुषी को फिर से मनाया जाएगए। छत्तीसगढियां सेना द्वारा लगातार दो सालों से इस असवर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। समिति के पदाधिकारियों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।









