कुसमुंडा क्षेत्र के भू विस्थापित किसान 31 अक्टूबर को 12 घंटे कुसमुंडा खदान को पूर्ण रूप से बंद करने के बाद रोजगार की मांग को लेकर एसईसीएल के कुसमुंडा मुख्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के बेनर तले बैठे है 1 दिसंबर को 8 घंटे खदान को बंद करने के बाद आंदोलन को बल पूर्वक दबाने के लिए 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। लेकिन जेल से रिहा होने के बाद भू विस्थापितों ने आंदोलन को और तेज करने के निर्णय के साथ सीएमडी का पुतला फूंका और लगातार40 दिनों से एसईसीएल कुसमुंडा मुख्यालय के सामने धरने पर बैठे हैं।
भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के सचिव दामोदर ने कहा कि एसईसीएल रोजगार देने के अपने वायदे पर अमल नहीं कर रहा है और भू विस्थापितों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है लेकिन भू विस्थापित जमीन के बदले रोजगार मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे।
40 वें दिन चल रहे धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा और दीपक साहू ने कहा कि पूरे देश मे आजादी के बाद से अब तक विकास परियोजना के नाम पर गरीबों को सपने दिखा कर करोड़ो लोगों को विस्थापित किया गया है और अपने पुनर्वास और रोजगार के लिए भू विस्थापित परिवार आज भी भटक रहे हैं। और जब अपने अधिकार की बात भू विस्थापित करते हैं तो एसईसीएल प्रबंधन भू विस्थापित किसानों को जेलभेज कर डराना चाहती है लेकिन गिरफ्तारी के बाद भू विस्थापित किसानों के हौसले और बढ़े हैं जमीन का अधिग्रहण जिस समय किया गया उस समय जो पॉलिसी थी उस पॉलिसी के तहत ही किसान जमीन के बदले रोजगार की मांग कर रहे हैं सरकार को विस्थापितों को ऐसा जीवन प्रदान करना चाहिए जिससे उनको लगे की उन्होंने अपनी जमीन नहीं खोया है लेकिन सरकार गरीबों की जमीन लेकर गरीबों को जमीन पर लाकर खड़ा कर देती है। गरीब भू विस्थापित कोर्ट भी नहीं जा सकते उनके पास इतने पैसे भी नहीं है इसके अलावा सालो साल अदालतों में मामले लंबित रह जाते हैं। गरीबों के पास संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा एसईसीएल प्रबंधन और सरकार सभी भू विस्थापित परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की प्रक्रिया जल्द शुरू करे। रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कश्यप ने कहा कि भू विस्थापित किसानों की मांग पूरी नहीं होने पर 1 जनवरी नए साल के दिन भू विस्थापित किसान बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे पूरे परिवार के साथ जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा आंदोलन रोजगार मिलने तक जारी रहेगा धरना में प्रमुख रूप से रेशम, बजरंग सोनी,दीनानाथ कौशिक, मोहनलाल कौशिक, हरिशंकर, रामप्रसाद, बलराम, अनिल बिंझवार,सनत कुमार, हेमलाल यादव, रघुनंदन, मिलन, संतानु, अभिषेक,रघु,चंद्रशेखर उपस्थित थे।











