Saturday, April 25, 2026

परसा कोल ब्लॉक के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन:ग्रामीणों ने कहा कोयला संकट बताकर राजस्थान सरकार बना कोल ब्लॉक स्वीकृत कराने बना रही दबाव

राजस्थान सरकार कोयला संकट बताकर परसा कोल ब्लाक की जबरन स्वीकृति हासिल करने राज्य सरकार पर दवाब बना रही है। इसके खिलाफ हसदेव अरण्य के आदिवासियों ने किया प्रदर्शन। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पत्रों के माध्यम से राजस्थान में कोयला संकट का हवाला देकर हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा कोयला ब्लाक की वन स्वीकृति देने छत्तीसगढ़ सरकार पर दवाब बना रहे हैं। इसके खिलाफ हसदेव अरण्य क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर हरिहरपुर और साल्ही के आदिवासियों ने विरोध कर रहे हैं। उन्होंने गहलोत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुएअडानी कंपनी वापस जाओ की आवाज बुलंद की। हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के उमेश्वर सिंह आर्मो, आलोक शुक्ला और फतेहपुर ग्राम के मुनेश्वर पोर्ते ने कहा कि हम 300 किलोमीटर पैदल चलकर रायपुर गए थे। सरकार ने हमारे गांव की फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव पास कराया है। जिसके आधार पर राजस्थान सरकार ने वन स्वीकृति हासिल की है। उसकी जांच का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अभी तक कोई जांच नही की गई। ग्राम साल्ही के आनंद राम खुसरो ने कहा कि यदि सरकारें हमसे जबरन जमीन जंगल छीनने की कोशिश करेंगी तो हम अपने महिला बच्चों के साथ जेल जाने तैयार है। लेकिन अपने गांव में अडानी कंपनी को घुसने नही देंगे। उन्होंने कहा कि यह जंगल जमीन हमारी है,हमारे देवी देवता इसमें बसते है, हमारे पुरखों की मेहनत से बसाए गांव को हम कैसे उजड़ने देंगे? ग्रामीणों ने कहा कि राजस्थान सरकार को 10 मिलियन टन कोयला प्रतिवर्ष निकालने की अनुमति के साथ परसा ईस्ट कोयला खदान आवंटित हुई थी। वर्ष 2018 में इसकी क्षमता भी 15 मिलियन टन हो गई है। अभी कंपनी ने इसे 21 मिलियन टन बढ़ाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय में आवेदन लगाया है। इसके वाबजूद भी राजस्थान सरकार और नई कोयला खदानें क्यों खोलना चाहता है? राजस्थान सरहकार चाहे तो सस्ते दर पर कोल इंडिया से कोयला खरीद सकता है। क्योंकि अडानी कंपनी से तो महंगे दर पर कोयला खरीद रहा है। 300 किलोमीटर की पदयात्रा करके रायपुर पहुंचे हसदेव अरण्य के आदिवासियों ने खनन कंपनी की ओर से फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव बनाकर वन स्वीकृति हासिल करने की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की थी