एक निजी चिकित्सालय में मरीज की मौत उसे भर्ती करने के कुछ घण्टे के भीतर हो गइल। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज में लापरवाही बरती गई। उसे ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने के 10 मिनट बाद बेचैनी/घबराहट होने लगी और फिर सांस थम गई।
बताया गया कि मरीज संतोष कुमार डड़सेना 47 वर्ष निवासी ग्राम करनौद जिला जांजगीर- चांपा को पथरी के दर्द के कारण जे के मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, कोरबा में 13 मार्च को भर्ती कराया गया था।











