जिले के पाली अंतर्गत ग्राम बुड़बुड़ में संचालित एसईसीएल की सराईपाली परियोजना खदान के भीतर यहां के अधिकारी-कर्मियों के साथ सांठगांठ से भारी पैमाने में कोयले की चोरी का खेल चल रहा है। बताया जा रहा है कि कोयला चोरों ने अपना गिरोह भी बना रखा है जिनके द्वारा गुंडागर्दी भी किया जा रहा है। विगत 23 फरवरी की एक घटना जिसमे खदान के भीतर मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।
जारी वीडियो में इस खदान में अटैच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गौरव सिंह ठाकुर व उसके साथियों द्वारा महिला-पुरुष के साथ मारपीट करते दिख रहे है,जबकि खुद मारपीट की घटना को अंजाम देकर इन्होंने थाना पाली में अपनी एक शिकायत दर्ज कराई है जिसमे यह बताया गया है कि 23 फरवरी को दोपहर 1 से 2 बजे के करीब उनकी ड्यूटी माइंस के ब्लास्टिंग एरिया में गार्ड के लिए लगाया गया था, इसलिए वहां से लोगों को हटाने के काम मे लगा था। जिस उपरांत वहां पाली निवासी श्रीकांत सोनकर, चंदन नायक, मंगला देवी व बटोरा निवासी सुरेंद्र राठौर द्वारा आकर गाली गलौज एवं हाथापाई करते हुए मारपीट किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। उक्ताशय की शिकायत पर पुलिस ने धारा 294,323,506,34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया।लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है जिसमे भूविस्थापित कोल पेप्स प्रा.लि. समिति के साथ प्रबंधक एवं स्टार एक्स कंपनी जो कि ओ.बी. एवं कोयला खनन में कार्य कर रही थी, के साथ कोल पेप्स प्रा.लि. का 7 साल का अनुबंध हुआ है।परंतु अचानक अन्य कंपनी द्वारा खनन कार्य प्रारम्भ किया गया।जिसमे भूविस्थापितों के द्वारा किये जा रहे कार्यों पर रोक लगा दिया गया,फलस्वरूप 22से 24 फरवरी तक कोल उत्खनन कार्य ठप्प होने से एसईसीएल को 24 हजार टन कोयला उत्पादन से वंचित होना पड़ा। इस कार्य को अन्य समिति के साथ 10-10 प्रतिशत में विभाजित कर दिया गया ताकि कोल स्टाक में गायब कोयला को समायोजित किया जा सके।तब खदान के भीतर इन्ही सब का विरोध कर रहे भूविस्थापितो के साथ यहां अटैच कर्मी गौरव सिंह व उसके भाई रोशन सिंह द्वारा अपने गिरोह के साथ लाठी,रॉड से मारपीट की घटना को अंजाम देने के बाद खुद प्रार्थी बनकर थाने में शिकायत दर्ज करायी गई,जिसमे उल्टे पीड़ितों को ही मारपीट का आरोपी बना दिया गया। (नीचे लिंक को टच कर देखें किस तरह हुई मारपीट)







