Wednesday, September 30, 2026

फिलहाल महिला समूह करेंगी रेडी टू ईट का काम:राज्य सरकार ने ऑटोमेटिक मशीन से उत्पादन करने का लिया है फैसला; HC के अंतिम आदेश तक रहेगा स्थगन

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेडी टू ईट वितरण का काम महिला स्व सहायता समूह से कराने के अपने आदेश को अंतिम फैसले तक यथावत रखा है। दरअसल, राज्य शासन ने रेडी टू ईट उत्पादन का काम ऑटोमेटिक मशीन से कराने का फैसला लिया है। जिसके खिलाफ महिला स्वसहायता समूह ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की है। बीज निगम ने हाईकोर्ट में अपना जवाब प्रस्तुत किया है। शुक्रवार को मामले में बहस के बाद हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल या फिर अंतिम आदेश तक अंतरिम राहत के आदेश को यथावत रखा है। मामले की अगली सुनवाई अब पांच अप्रैल को होगी।

राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को बांटे जाने वाले रेडी टू ईट को अब ऑटोमेटिक मशीन से उत्पादन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत रेडी टू ईट वितरण का काम को केंद्रीयकृत करने का फैसला लिया गया है। इसे महिला स्व सहायता समूह करते थे। शासन के इस निर्णय के खिलाफ 5 महिला स्व सहायता समूहों ने जनहित याचिका दायर की है। इसके साथ ही अलग-अलग स्व सहायता समूह की ओर से करीब 230 याचिकाएं लगाई गई हैं। प्रकरण में चार दिन पहले याचिकाकर्ताओं ने अतिरिक्त शपथपत्र पेश किया है। बीज निगम ने इसका जवाब प्रस्तुत कर दिया है।

सुनवाई का नहीं दिया गया अवसर
याचिका में बताया गया है कि महिला स्वसहायता समूह को बिना नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बिना शासन ने ऐसा निर्णय लिया है। जिससे प्रदेश भर की करीब 20 हजार महिलाओं को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और उनका रोजगार का साधन छीन जाएगा। जबकि, पिछले 15-20 साल से महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं रेडी टू ईट के कार्य का बेहतर संचालन कर रही हैं। इस मामले में आज हुई बहस के बाद जस्टिस आर सी एस सामंत ने 30 अप्रैल अथवा उससे पहले इस मामले में कोर्ट का अंतिम आदेश आने तक यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया है

अब पांच अप्रैल को होगी सुनवाई
इस मामले में पिछले दो दिन से सुनवाई चल रही थी। पूर्व में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शासन के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी। शुक्रवार को सभी पक्षों की बहस के बाद जस्टिस आरसीएस सामंत ने 30 अप्रैल या फिर अंतिम फैसला आने तक अंतरिम स्थगन आदेश को यथावत रखा है। मामले की अगली सुनवाई पांच अप्रैल को होगी।