
महाराष्ट्र के सियासी संकट के तीसरे दिन एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी को उन्होंने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया और कहा कि यह विधायकों की भावना है। पत्र में लिखा गया है कि शिवसेना के विधायकों की बात कभी नहीं सुनी गई और उद्धव के घर के दरवाजे हमेशा उनके लिए बंद रहे। खत में एक और बात को हाईलाइट किया गया। शिंदे ने कहा कि जब हम अयोध्या जा रहे थे, तब हमें रोका गया। जो लोग वहां चले गए थे, उन्हें भी फोनकर वापस बुलाने की बात कही गई।
महाराष्ट्र के सियासी घमासान में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की एंट्री हो गई है। 41 शिवसेना और 9 निर्दलीय विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे जिस होटल में ठहरे हैं, उसके बाहर TMC कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि विधायकों की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इसे रोका जाए। पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया है।
पिछले 12 घंटे में शिवसेना के पांच और दो निर्दलीय विधायक महाराष्ट्र से गुवाहाटी पहुंचे। इनमें गुलाबराव पाटील, योगेश कदम, सदा सर्वंकर, योगेश पवार और मंगेश कुलांकर शामिल हैं। बाकी दो विधायक मंजुला गावित और चंद्रकांत पाटिल निर्दलीय हैं। सदा, योगेश और मंगेश गुरुवार सुबह गुवाहाटी की रेडिसन ब्लू होटल पहुंचे।
सियासी संकट के बीच उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में पार्टी के दिग्गज नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में इस्तीफा देने पर फैसला किया जा सकता है। इधर, महाराष्ट्र के कई जगहों पर भाजपा के देवेंद्र फडणवीस को सीएम की शुभकामनाएं देते हुए पोस्टर लगाया गया है।
1. CM उद्धव ठाकरे की पार्टी के बड़े नेताओं के साथ मीटिंग शुरू हो गई। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। ठाकरे इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं।
2. विधायकों की तरह ही शिवसेना के19 में से करीब 9 सांसद भी उद्धव का दामन छोड़ सकते हैं। इनमें एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे, ठाणे लोकसभा सांसद राजन विचारे, वाशिम की सांसद भावना गवली और नागपुर की रामटेक सीट से सांसद कृपाल तुमाने के नाम सामने आए हैं। जैसे ही सत्ता में परिवर्तन होगा, कई और सांसद भी एकनाथ शिंदे के समर्थन में आएंगे।
3. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मुंबई पहुंची हैं। हालांकि, यह उनका निजी दौरा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वे महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले से मुलाकात कर सकती हैं।
4. शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि गुवाहाटी से 20 विधायक जल्द ही मुंबई लौटेंगे। सभी विधायकों से बात हो गई है।
5. सूत्रों के अनुसार, कुछ देर में बागी गुट विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल को भेजेंगे। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास छोड़ने से NCP नाराज हो गई है।









