Saturday, August 22, 2026

BMO करता है महिला डॉक्टर को परेशान:महिला आयोग से हुई शिकायत, छुट्‌टी और ड्यूटी बांटने में वसूली के आरोप; सैलरी भी रोक दी गई

जांजगीर जिले के डभरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ.एनपी मिश्रा पर महिला आयोग कार्रवाई कर सकता है। दरअसल स्वास्थ्य केंद्र की ही एक महिला डॉक्टर ने अफसर की शिकायत आयोग में कुछ महीने पहले दी थी। अब आयोग की तरफ से इस मामले में जल्द ही सुनवाई करने और कार्रवाई करने की बात कही गई है। महिला डॉक्टर ने अपनी शिकायत में खुलासा किया है कि वसूली की खातिर एनपी मिश्रा उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं।

इस मामले में शिकायत करने वाली डॉ.प्रियंका डभरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष अधिकारी हैं। उन्होंने हाल ही में अपने मामले को लेकर महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक से मुलाकात की, किरणमयी नायक ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया है। डॉ.प्रियंका ने इससे पहले जिला स्तर के चिकित्सा अधिकारियों से भी इस मामले में शिकायत की। जांच भी हुई, मगर डॉ प्रियंका का दावा है कि जांच के अफसरों को अपने प्रभाव में लेकर BMO डॉ.मिश्रा हमेशा बचता रहा है।

अन्य कर्मचारी भी देते हैं BMO का साथ
डॉ.प्रियंका के मुताबिक बीएमओ डॉ.एन पी मिश्रा के साथ बीपीएम सुरेश कुमार जयसवाल और आयुष चिकित्सा अधिकारी गुलाबचंद बंजारे भी मिले हुए हैं। ये तीनों मिलकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। तीनों अक्सर कर्मचारियों से वसूली की ताक में रहते हैं। डॉ.प्रियंका से भी छ़ुट्‌टी पर जाने, ड्यूटी का सही बंटवारा किए जाने, काम का ठीक रिव्यू करने, सर्विस रिकॉर्ड ठीक रखने जैसी बातों को लेकर वसूली का प्रयास किया गया। जब डॉ.प्रियंका ने रुपए नहीं दिए तो जानबूझकर अब उन्हें तंग किया जा रहा है। कोई कर्मचारी BMO के खिलाफ कुछ नहीं बोलता।

रोकी दी गई सैलरी
जिला स्तर पर डॉ.प्रियंका ने BMO और उसके करीबियों की शिकायत की तो अफसर ने महिला डॉक्टर की सैलरी रोक दी। करीब 10 महीने की लगभग 1 लाख रुपए सैलरी डॉक्टर को नहीं दी गई। कलेक्टर तक ये मामला पहुंचा, मगर BMO पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई।

आरोप झूठे हैं
दूसरी तरफ इस मामले में आरोपी BMO डॉ.एनपी मिश्रा ने आरोपों को झूठा बताया है। मीडिया को दिए अपने बयान में BMO ने कहा है कि महिला डॉ.अपने काम के प्रति लापरवाही करती हैं। हमें उनके खिलाफ शिकायत मिली है। कलेक्टर से भी शिकायत की गई थी, मैं जवाब दे चुका हूं वहां भी। अपनी गलती छिपाने के लिए मुझ पर ब्लेम लगाया जा रहा है।