Tuesday, July 7, 2026

छत्तीसगढ़ युवा उत्सव: 15 नवंबर से 2 माह तक चलेगा आयोजन, जानिए इस बार क्या होगा खास

रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने एवं उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से युवा उत्सव 2022-23 का आयोजन किया जा रहा है. युवा उत्सव का आयोजन विकासखण्ड, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर किया जाएगा. युवा उत्सव का आयोजन दो आयु वर्ग 15 से 40 वर्ष तक एवं 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में किया जाएगा. इसके जरिये प्रदेश में छिपी खेल प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी.

क्या है युवा उत्सव का शेड्यूल
– विकासखण्ड युवा उत्सव का आयोजन 15 नवंबर 2022 तक
– जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 16 नवंबर से 10 दिसंबर तक
– संभाग स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 11 दिसंबर से 31 दिसंबर तक
– राज्य स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 12 से 14 जनवरी 2023 तक किया जाएगा

युवा कल्याण विभाग ने जारी किए निर्देश
युवा उत्सव का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है. आयोजन के संबंध में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार युवा वर्ग में 18 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी.

ये होंगी 18 विधाएं
– लोकनृत्य
– लोकगीत
– एकांकी नाटक (हिन्दी, अंग्रेजी भाषा, छत्तीसगढ़ी)
– शास्त्रीय गायन (हिन्दुस्तानी शैली)
– शास्त्रीय गायन (कर्नाटक शैली)
– सितार वादन (शास्त्रीय वादन)
– बांसुरी वादन (शास्त्रीय वादन)
– तबला वादन (शास्त्रीय वादन)
– वीणा वादन (शास्त्रीय वादन)
– मृदगंम वादन(शास्त्रीय वादन)
– हारमोनियम वादन (सुगम वादन)
– गिटार वादन (भारतीय एवं पाश्चात्य संगीत)
– मणीपुरी (शास्त्रीय नृत्य)
– ओडिसी (शास्त्रीय नृत्य)
– भरतनाट्यम (शास्त्रीय नृत्य)
– कत्थक (शास्त्रीय नृत्य)
– कुचीपुड़ी (शास्त्रीय नृत्य)
– वक्तृत्व कला (शास्त्रीय नृत्य)

ये अन्य आयोजन भी होंगे शामिल
18 विधाओं के साथ ही इस आयोजन में पारंपरिक एवं अन्य गतिविधियां भी आयोजन भी शामिल होगा. इनमें सुआ, पंथी, करमा नाचा, सरहुल नाचा, बस्तरिहा लोकनृत्य, राउत नाचा, फुगड़ी, भौंरा, गेड़ी दौड़, रॉक बैंड (सीधे राज्य स्तर पर सम्मिलित किया जाएगा), पारंपरिक वेशभूषा (विविध वेशभूषा) प्रतियोगिता, फूड फेस्टिवल-छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के आधार पर प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता-छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति के चित्रण के आधार पर, कबड्डी, खो-खो, कुश्ती, मुख्यमंत्री की गई घोषणानुसार राज्य के लोक साहित्य को भी शामिल किया गया है.