Monday, October 12, 2026

KORBA : जानकारी से वंचित करने वाले 3 जनसूचना अधिकारी को लगा अर्थदण्ड

कोरबा । छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी ने समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले और सूचना का अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने वाले तीन जनसूचना अधिकारी पर 25-25 हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है। उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए हैं कि अर्थदंड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराकर आयेग को सूचित करें।

उल्लेखनीय है कि लोकतंत्र में पारदर्शी शासन व्यवस्था की यह निशानदेही होती हैं, कि उनके सभी नागरिकों को शासन व्यवस्था की सम्पूर्ण गतिविधियों की सूचना प्राप्त करने का मौलिक अधिकार हो। सूचना का अधिकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जागरूक नागरिक को उनकी इच्छित सूचनाएं आसानी से उपलब्ध करवाना है। यदि कोई विभाग अथवा संस्था जानकारी देने से इनकार करता हैं, तो उनके विरुद्ध सूचना आयोग में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। इस अधिनियम की मदद से सभी नागरिकों को सूचना सम्पन्न बनाना, सरकार की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और अधिक उत्तरदायी शासन व्यवस्था की ओर ले जाना हैं। सूचना किसी भी रूप में हो सकता है, प्रिंट मीडिया, मॉस मीडिया, वेब मीडिया, ई-मेल, जनमत, रिपोर्ट, कागज, संवाद, रिपोर्ट और आकड़े, एडवर्टाइजिंग के रूप में हो सकता है।

इसी प्रकार दुर्ग निवासी श्री हरिप्रसाद शुक्ला ने जनसूचना अधिकारी कलेक्टोरेट कोरबा से बालको को 1200 मेगावाट ताप विद्युत संयंत्र स्थापना प्रयोजनार्थ 30 वर्ष की लीज पर आबंटन के संबंध में 5 बिन्दु पर जानकारी मांगे थे, जिसमें बालको द्वारा एक जून 2019 को शासन के पक्ष में त्यजन तथा तहसीलदार द्वारा त्यजन स्वीकार करने के आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि, नगर एवं ग्राम निवेश, नगर निगम कोरबा, छ.ग. आवास एवं पर्यावरण विभाग, वन संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत संबंधित विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र तथा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 214 के तहत वृक्षों की कटाई के लिए पृथक अनुमति पत्र की छायाप्रति की मांग की थी। जनसूचना अधिकारी से जानकारी प्राप्त नहीं होने के कारण प्रथम अपीलीय अधिकारी को 29 जुलाई 2019 को आवेदन किया किन्तु प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा विनिश्चय नहीं करने से असंतुष्ट 13 सितम्बर 2019 को आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत किया।