बीजापुर. साल 2022 बीजापुर सुरक्षा बलों के लिए उपलब्धि भरा रहा. इस साल माओवादियों पर पुलिस के जवान भारी पड़े.23 मुठभेड़ में जांबाज जवानों ने 14 माओवादी को ढ़ेर किया है. वहीं 165 माओवादियों को अरेस्ट कियागया है. इस दौरान 26 हथियार, 244 कारतूस, 23 आईईडी एवं 22 डेटोनेटर, 949 मीटर इलेक्ट्रिक वायर भी जवानों ने बरामद किया है.बता दें कि, नक्सलियों के मांद में घुसकर जवानों ने उनका सफाया करने का काम किया है. इतना ही नहीं साल 2021 की तुलना में जवानों की शहादत में भी कमी आई है. ऐसे में आकड़ों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि, लाल आतंक के लिए खतरे की घंटे बज चुकी है और जल्द ही इन दहशतगर्दों का सफाया होने वाला है.बीजापुर पुलिस के हवाले बताया गया है कि, नक्सल समर्पण के मामले में छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति कारगर साबित हुई है. इससे प्रभावित होकर 16 माओवादियों ने नक्सलवाद से तौबा किया.पुलिस के मुताबिक मुखबिरी के नाम पर माओवादियों ने साल भर में 12 आम नागरिकों की हत्या की है. वहीं माओवादियों से लोहा लेते हुए मुठभेड़ और आईईडी विस्फोट की घटना में 6 जवान शहीद हुए हैं. साथ ही 27 जवान घायल हुए हैं.











