Thursday, August 6, 2026

नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर:पांच में से एक जज का फैसला- नोटबंदी गैरकानूनी; बाकी चार बोले- 500 और 1000 के नोट बंद करना सही

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। पांच जजों की संविधान बेंच ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। बेंच ने कहा कि 500 और 1000 के नोट बंद करने की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। बेंच ने यह भी कहा कि आर्थिक फैसले को पलटा नहीं जा सकता। संविधान पीठ ने यह फैसला चार एक के बहुमत से सुनाया।

नोटबंदी केस की सुनवाई करने वाली पांच जजों की बेंच में जस्टिस एस अब्दुल नजीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामसुब्रमण्यम और जस्टिस बीवी नागरत्ना शामिल थे। इनमें से जस्टिस बीवी नागरत्ना ने बाकी चार जजों की राय से अलग फैसला लिखा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला गैरकानूनी था। इसे अध्यादेश की जगह कानून के जरिए लिया जाना था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इससे पुराने फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

संविधान पीठ बोली- सरकार ने RBI से सलाह ली थी
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा- नोटबंदी से पहले सरकार और RBI के बीच बातचीत हुई थी। इससे यह माना जा सकता है कि नोटबंदी सरकार का मनमाना फैसला नहीं था। संविधान पीठ ने इस फैसले के साथ ही नोटबंदी के खिलाफ दाखिल सभी 58 याचिकाएं खारिज कर दीं।