Tuesday, September 29, 2026

कोलकाता वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के CMD और डायरेक्टर गिरफ्तार, 314 निवेशकों से करोड़ों की ठगी, 35 से अधिक केस दर्ज

रायगढ़। रायगढ़ एसएसपी सदानंद कुमार के कुशल नेतृत्व और एडिशनल एसपी संजय महादेवा के मार्गदर्शन पर रायगढ़ पुलिस को चिटफंड मामले में अब तक की बड़ी सफलता हाथ लगी है. सीएसपी रायगढ़ अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा चिटफंड कंपनी कोलकाता वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीएमडी शाहजहां खान और उसके भाई कंपनी के डायरेक्टर शमशुल आलम खान को गिरफ्तार कर आरोपियों से करीब ₹60 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद कर जब्त किया गया है.दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिटफंड कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई डूबो चुके निवेशकों के रकम लौटने के लिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है. चिटफंड कंपनियों के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कंपनी के चल अचल संपत्ति को चिन्हांकित किए जाने के निर्देश दिए हैं.

इसी कड़ी में सीएसपी रायगढ़ अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को चिटफंड कंपनी कोलकाता वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीएमडी शाहजहां खान और कंपनी डायरेक्टर शमसूल आलम खान को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है.

गिरफ्तार आरोपी-

(1) शाहजहां खान पिता स्वर्गीय मकसेद अली खान उम्र 47 वर्ष
(2) शमसूल आलम खान पिता स्वर्गीय मकसेद अली खान उम्र 38 वर्ष दोनों निवासी जगदेवपुर पोस्ट पी.के. नगर हरिनडागा 24 परगना दक्षिण डायमंड हार्बर (पश्चिम बंगाल) वर्तमान पता साउथ सिटी रेजिडेंशियल कंपलेक्स कोलकाता 68

जब्त मशरूका

कोतवाली पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने के जेवर 630 ग्राम, नगदी रकम 3 लाख रुपए, एक होंडा अकॉर्ड कार (कीमत करीब 15 लाख) नग राडो कंपनी का घड़ी (कीमत करीब 1 लाख रुपए) जुमला कीमती – 60 लाख रूपये की जब्ती की गई है.

कंपनी के अलावा कंपनी के समस्त डायरेक्टर (1) सीएमडी शाहजहां खान (2) डायरेक्टरगण शमसूल आलम खान (3) रामकृष्ण मंडल (4) प्रवीण हलधर (5) रतन कुमार (6) अजय कुमार श्रीवास्तव (7) सलीम लश्कर (8) लुकमान अंसारी (9) चंदन चौधरी (10) शाहजमाल खान (11) कृष्णकांत गायन निवासी डायमंड हार्बर साउथ 24 परगना कोलकाता के कृत्य के विरुद्ध थाना कोतवाली में अप.क्र. 1542/2018 धारा 420, 120 (बी) भारतीय दंड विधान एवं धारा 4, 5 चिटफंड अधिनियम एवं 6, 10 छत्तीसगढ़ निवेशकों के संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध पाए जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था.