कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल की वितरण शाखा के कार्यों से कोरबा क्षेत्र की जनता में आक्रोश व्याप्त है । करोड़ों का विज्ञापन छपवाकर वाहवाही लूटने वाली कंपनी की असल सच्चाई यह है कि इसके लाइनमैन के पास ना ही टूलकिट है ना ही कोई सुरक्षा उपकरण। स्थिति यह है कि शिकायत पर पहुंचने वाले लाइनमैन लोगों से ही टूल किट की मांग करते हैं। ऐसे में लोगो को किस प्रकार के सेवा मिलती है इसका आंकलन आप स्वयं कर सकते है। ऊर्जाधानी कोरबा जिसकी पहचान कभी यहां के पावर संयंत्रों के कारण बनी हुई थी। अब अव्यवस्थित खंभे, जगह-जगह से टूटी तार और खुले बार बॉक्स इसकी पहचान बनते जा रहे हैं।

वितरण कंपनी की लापरवाही की वजह से ही जहां पिछले दिनों जघन्य अग्निकांड कोरबा की जनता को देखने को मिला। वह पिछले दिनों फूल तोड़ने गए एक नागरिक के ऊपर 11kv तार गिर गई जिसके कारण बाइक समेत व्यक्ति की मौत हो गई। इस मामले में भी नागरिकों ने विद्युत वितरण कम्पनी पर ही लापरवाही का आरोप लगाया था। जिन्होने बार-बार शिकायत के बाद भी उचित रखरखाव के संबंध में किसी प्रकार का ध्यान नहीं है। यह है शहर के कुछ बड़े मामले जो सामने आए थे । बरसात के दिनों में घंटों मेंटेनेंस के नाम पर बिजली गुल करने वाली वितरण कंपनी के कारण शहर में ना जाने कितने मवेशी काल के गाल में समा गए हैं। ट्रांसफार्मर का जलना, बार बॉक्स में विस्फोट और लटकते तार आपको हमेशा देखने को मिल जाएंगे। ऐसे में यह प्रश्न उठना लाजमी है कि घंटों बिजली गुल फिर किस लिए की जाती थी । क्या मेंटनेस के नाम पर केवल पेड़ों की कटाई ही हो सकती है।

आपको बता दें कि कोरबा वह पावर हब है जिसकी रोशनी कभी गोवा तक पहुंचा करती थी। प्रसिद्ध नागर हवेली भी कोरबा के ही बिजली से जगमगाया करती थी । लेकिन आज शहर में वितरण कंपनी की उदासीनता के चलते शहर में घंटो बिजली की अनावश्यक आपूर्ति बाधित की जाती है।आपको बता दे की शहर में जितने भी बार बॉक्स है । वो जीर्ण शीर्ण अवस्था में है। शहर के अंदर लगाए गए कमोवेश सभी बार बॉक्स इसी प्रकार डैमेज है। जंग लगने के कारण बॉक्स के अंदर पानी प्रवेश कर रहा है, जिसके कारण बॉक्स में विस्फोट हो रहा है।वितरण कंपनी कम से कम इन्हे ही सुधरवा दे तो बिजली व्यवस्था दुरुस्त हो सकती है।









