Monday, May 4, 2026

कोरबा में केंद्र सरकार के खिलाफ श्रमिकों की हड़ताल, कोयला खदानों में श्रमिकों ने किया प्रदर्शन

कोरबा जिले में सरकारी कंपनियों का निजीकरण और अन्य मुद्दों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ शुक्रवार को बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिला। जिले के सभी कोयला खदानों में चार श्रमिक संगठन इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू के नेतृत्व में श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ​​​​​​

गेवरा और दीपका दोनों ही क्षेत्रों में हड़ताल को पूरी तरह से सफल माना जा रहा है। सुबह से ही श्रमिक नेता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे थे, जिससे प्रबंधन को काफी नुकसान होने की बात कही जा रही है। हड़ताल के दौरान दीपका क्षेत्र के प्रतिनिधि सुशील तिवारी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने हड़ताल के संबंध में श्रमिक नेताओं से खास बातचीत की।

बातचीत के दौरान श्रमिक नेताओं ने कहा कि सरकार श्रमिकों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जो सरासर गलत है। श्रमिक अपनी मांगों को मानवाने काफी लंबे समय से आंदोलन कर रहे है। श्रमिक संगठनों का दावा है कि हड़ताल 75 प्रतिशत सफल रही है। हालांकि नियमित कर्मी ही हड़ताल पर रहे, जबकि आउटसोर्सिंग व ठेका पद्धति से कामकाज होते रहा। ​​​​​​​

मानिकपुर खदान में सुबह से चार श्रमिक संगठन एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाने डटे रहे। कुसमुंडा खदान में भी श्रमिक नेताओं ने हड़ताल को सफल बनाने खदान में कर्मचारियों से सहयोग मांगा, जहां काफी संख्या में कर्मचारियों ने हड़ताल में अपनी भागीदारी देकर हड़ताल को सफल बनाया। वहीं ड्यूटी जाने वाले कर्मियों को जबरदस्ती नहीं रोका गया।

एक महीने से हड़ताल करने की थी तैयारी

हड़ताल को लेकर एटक, सीटू, एचएमएस, इंटक द्वारा पिछले एक महीने से तैयारी की जा रही थी। सभी खदान व प्लांट क्षेत्र में बैठक लेकर श्रमिक नेताओ ने हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया था। इसके साथ ही प्रबंधन को भी नोटिस थमाई थी। बता दें कि एक दिवसीय हड़ताल से प्रबंधन को काफी नुकसान होने की बात कही जा रही है। ​​​​​