बिलासपुर में समाज विशेष के दबाव में पुलिस ने सुसाइड केस में उसके दोस्त के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, युवक ने 4 दिन पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद परिजनों ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने और हत्या का आरोप लगाकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी।
इस दौरान परिजन और समाज के लोगों ने शव ले जाने से मना कर दिया। जिसके चलते चार दिनों से युवक की लाश मर्चुरी में पड़ी है। पूरा मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है।

फांसी लगाकर युवक ने दी थी जान
जानकारी के मुताबिक, ग्राम जोरापरा में 29 फरवरी की सुबह बेलसरी निवासी योगेश खांडेकर (22) की लोहे के पाइप से लटकता हुआ शव मिला था। वो तखतपुर बस स्टैंड में एजेंट का काम करता था। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। जिसमें फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात सामने आई।

परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर दोबारा कराया पोस्टमार्टम
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों ने पहले थाने में जमकर हंगामा मचाया। दूसरे दिन शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की और एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया। इस दौरान एसपी रजनेश सिंह ने उन्हें निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद भी नाराज परिजन और समाज के लोगों ने शव ले जाने से मना कर दिया। सिम्स में डॉक्टरों की टीम ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया, जिसमें भी युवक के सुसाइड करने की जानकारी दी गई। वहीं, परिजन हत्या का आरोप लगाते रहे और शव को मर्चुरी में छोड़कर चले गए।








