सीएम विष्णुदेव साय कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में अपने स्वभाव के विपरीत नजर आए। आमतौर पर उन्हें सहज और सरल मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाता है, लेकिन आज चल रही कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कड़े तेवर दिखाए। सभी जिला कलेक्टर को दो टूक कहा- भाषा पर संयम रखें, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, नहीं तो मैं करूंगा।
राजस्व मामलों को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। बोले- छोटे-छोटे कामों को लेकर उन्हें सीएम हाऊस तक आना पड़ रहा है। जनता भटक रही है, ये बर्दाश्त नहीं। राजस्व मामलों को लेकर उन्होंने खासतौर पर सारंगढ़, खैरागढ़ और बस्तर का जिक्र किया।
दरअसल, पिछले दिनों बिलासपुर में अफसर ने विरोध प्रदर्शन कर रही स्कूली छात्राओं को और राजनांदगांव में शिकायत लेकर पहुंची छात्राओं को अफसरों ने जेल भेजने की धमकी दी थी। वहीं छात्र-छात्राओं से अभद्रता और मारपीट के भी मामले आए हैं।
न्यू सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों से कॉन्फ्रेंस की शुरुआत की। इस दौरान उनके तेवर कड़े हो गए। उन्होंने सारंगढ़ ,बस्तर, खैरागढ़ में राजस्व मामलों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। साथ ही कलेक्टर को राजस्व मामलों को तेज गति से निपटाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, राजस्व संबंधित सभी कार्य समय-सीमा पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि, अविवादित नामांतरण के केस को समय सीमा पर पूरा करें। 70 प्रतिशत से कम निराकरण वाले जिले ज्यादा फोकस करें। विवादित विभाजन के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हों।
उन्होंने कहा कि, सीमांकन जनता से जुड़ा विषय है। जो आदेश है, उसका सीमांकन हो जाए। नागरिक छोटी-छोटी त्रुटि के लिए भटकते रहते हैं। जल्द से जल्द निराकरण हो इसका ख्याल रखें। सीएम ने कहा, समय सीमा में निराकरण करने से सरकार की छवि बनती है








