कोरबा। कोरबा मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। SECL की कुसमुंडा कोल परियोजना में कार्यरत ट्रक ड्राइवर नंद लाल चौहान की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम में घंटों की देरी से परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया।

इलाज में लापरवाही का आरोप

मृतक नंद लाल चौहान, जो कि बिहार का निवासी था, की तबीयत अचानक रात में बिगड़ गई थी। परिजन पहले उन्हें बांकी स्थित SECL के विभागीय अस्पताल ले गए, जहां इलाज से मना कर दिया गया। इसके बाद वे एक निजी चिकित्सक के पास गए, लेकिन वहां भी उपचार नहीं मिला।

आखिरकार, रात करीब 2 बजे नंद लाल चौहान को कोरबा जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमॉर्टम में 3 घंटे की देरी

मृतक के परिजनों को सुबह 11 बजे पंचनामा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी दोपहर 2 बजे तक पोस्टमॉर्टम के लिए डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। परिजनों ने जब अस्पताल प्रशासन से शिकायत की, तब जाकर डॉक्टर पोस्टमॉर्टम करने पहुंचे।