छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला अंधविश्वास का मामला सामने आया है। अपने बीमार बेटे को ठीक करने के अंधविश्वास में एक तांत्रिक पिता ने दूसरे के मासूम बेटे की बलि चढ़ा दी। करीब डेढ़ साल तक फरार रहने के बाद आरोपी राजू कोरवा को सामरीपाठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

क्या है मामला?
थाना सामरीपाठ क्षेत्र के झलबासा गांव में 1 अप्रैल 2025 को 6 वर्षीय बालक अजय नगेसिया लापता हो गया था। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी राजू कोरवा ने तांत्रिक पूजा के बहाने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर उसकी निर्मम हत्या की।

हत्या के बाद आरोपी ने मासूम के शरीर को जला दिया और सिर को घर में छुपाकर रखने के बाद गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर सिर के अवशेष और हत्या में प्रयुक्त लोहे की छुरी बरामद कर ली है।

आरोपी का कबूलनामा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका बेटा मिर्गी और मानसिक कमजोरी से पीड़ित था। किसी ने सलाह दी कि देवता को नरबलि देने से बीमारी ठीक हो जाएगी। इसी अंधविश्वास में उसने यह घिनौना अपराध किया।

पुलिस की कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की टीम ने तहसीलदार की मौजूदगी में शव का उत्खनन कर सबूत इकट्ठा किए।