Thursday, March 12, 2026

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में बड़े संशोधन, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति दी गई। इन संशोधनों का उद्देश्य नीति को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट और निवेश-अनुकूल बनाना है, ताकि राज्य में औद्योगिक, सेवा क्षेत्र एवं रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, रोजगार पर विशेष फोकस

मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए स्थायी और गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन करना है। इसी क्रम में ईपीएफ प्रतिपूर्ति और रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम—जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आईटी—की एमएसएमई इकाइयों को स्थानीय युवाओं को दिए गए वेतन पर अनुदान का लाभ मिलेगा।

सेवा क्षेत्र का दायरा बढ़ा

औद्योगिक विकास नीति के तहत सेवा क्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। अब कंप्यूटर आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, और NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत शामिल किया गया है। इन संस्थाओं को निर्धारित प्रोत्साहन और अनुदान का लाभ मिलेगा, जिससे सेवा क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

पर्यटन और स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ावा

राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटल, तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। साथ ही, राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।