Thursday, March 12, 2026

बटालियन नंबर-1 का कमांडर बारसे देवा करेगा सरेंडर, 40 माओवादी तेलंगाना पहुंचे

तेलंगाना/बस्तर। नक्सल मोर्चे से एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। माओवादी संगठन की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली बटालियन नंबर-1 का कमांडर बारसे देवा आत्मसमर्पण करने जा रहा है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बारसे देवा के साथ करीब 40 माओवादी नेशनल पार्क क्षेत्र से तेलंगाना पहुंच चुके हैं, जहां वे सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

जानकारी के मुताबिक, सभी माओवादी तेलंगाना के डीजीपी के समक्ष औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे। तेलंगाना पुलिस द्वारा अगले एक-दो दिनों में बारसे देवा समेत अन्य माओवादियों को मीडिया और प्रशासन के सामने पेश किए जाने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।

बताया जा रहा है कि बारसे देवा लंबे समय से बस्तर और आसपास के इलाकों में माओवादी गतिविधियों का संचालन कर रहा था और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में उसकी भूमिका मानी जाती रही है। उसके सरेंडर को माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण केंद्र और राज्य सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति की बड़ी सफलता है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है, और लगातार सुरक्षा अभियान, विकास योजनाओं और सरेंडर नीति के चलते नक्सली कैडर कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।

बारसे देवा और उसके साथियों का आत्मसमर्पण न केवल सुरक्षा बलों के मनोबल को मजबूत करेगा, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की राह को भी और आसान बनाएगा।