कोरबा — कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत केंदई रेंज में एक अनोखी घटना सामने आई, जब बकरियों के झुंड के साथ कोटरी का बच्चा अनजाने में गांव पहुंच गया। यह मामला ग्राम भूलसीभवना का है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण अपनी बकरियों को चराने जंगल गए थे। लौटते समय बकरियों के झुंड के साथ कोटरी का बच्चा भी उनके पीछे-पीछे गांव तक आ गया। शुरुआत में किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया, लेकिन जब बकरियां घरों के भीतर जाने लगीं, तब ग्रामीणों की नजर कोटरी के बच्चे पर पड़ी।
ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। रेंजर अभिषेक दुबे ने बताया कि कोटरी का बच्चा जंगल में छोड़ते ही अपनी मां और झुंड से मिल गया। उन्होंने बताया कि गांव से सटे जंगलों में कोटरी समेत अन्य वन्य जीव भी रहते हैं, जो गर्मी के दिनों में पानी और भोजन की तलाश में गांवों के आसपास आ जाते हैं।
लीमपानी में जंगली सुअर के अवैध शिकार का खुलासा, आरोपी के घर से मांस व हथियार जब्त
इधर, 22 जनवरी को ग्राम लीमपानी (भदरापारा), ग्राम पंचायत बारीउमराव में जंगली सुअर के अवैध शिकार का मामला सामने आया। वन विभाग को सूचना मिली थी कि इन्द्रपाल, पिता रामप्रसाद धनवार ने जंगली सुअर का शिकार किया है।
सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने गांव के पंचों की मौजूदगी में आरोपी के घर तलाशी ली। तलाशी के दौरान टीम ने 5 किलोग्राम कच्चा जंगली सुअर का मांस, 2 पुराने जबड़े, 3 पैर, 2 कुल्हाड़ी, 1 परसुल, 2 हंसिया, 4 बंडल सेट्रिंग तार और सुअर काटने में प्रयुक्त लकड़ी का गुटका जब्त किया।
वन विभाग ने इस मामले को गंभीर वन अपराध मानते हुए आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीवों के अवैध शिकार पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।







