रायपुर, 11 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित होगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत घर-घर जाकर मकान, परिवार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।
इस बार प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। 16 से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन के जरिए अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे और उन्हें एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी।
जनगणना में मकान की स्थिति, परिवार की संख्या, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट सहित 33 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। साथ ही हर घर की जियो-टैगिंग कर उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा, जिससे आपदा प्रबंधन, शहरी योजना और परिसीमन में मदद मिलेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी जानकारी गोपनीय रहेगी। निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे और लोगों से सही जानकारी देने की अपील की गई है।









