कोरबा-करतला। करतला थाना क्षेत्र के ग्राम नोनबिर्रा में जमीन सीमांकन करने पहुंचे राजस्व निरीक्षक (आरआई) और हल्का पटवारी को पिता-पुत्र समेत अन्य लोगों ने करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। आरोप है कि सीमांकन कार्य के दौरान विवाद करते हुए अधिकारियों को मौके से जाने नहीं दिया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बाल्को निवासी हल्का पटवारी भरत चौहान और राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह, नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर 8 मई को ग्राम नोनबिर्रा के बनियापारा पहुंचे थे। यहां खसरा नंबर 643/1 की भूमि का सीमांकन किया जाना था। सीमांकन के दौरान आवेदक संतराम, उसके पुत्र लीलाधर पटेल तथा अन्य लोगों ने नापी पर आपत्ति जताते हुए विवाद शुरू कर दिया।
आरोप है कि विवाद के दौरान अधिकारियों की कार के पीछे मोटरसाइकिल खड़ी कर उन्हें जाने से रोका गया। रस्सी लाकर बांध देने की धमकी दी गई, वहीं लीलाधर पटेल ने उसी रस्सी से आत्महत्या कर लेने की बात कही। आरोपियों ने अधिकारियों पर पैसा लेकर गलत सीमांकन करने का आरोप भी लगाया।
बताया गया कि आरोपियों ने कहा कि जब तक नायब तहसीलदार, कलेक्टर और थाना प्रभारी मौके पर नहीं आएंगे, तब तक किसी को जाने नहीं देंगे। इस दौरान करीब दो घंटे तक राजस्व अमले को बंधक बनाए रखा गया, जिससे शासकीय कार्य बाधित हुआ।
पटवारी भरत चौहान की शिकायत पर करतला थाना पुलिस ने संतराम, लीलाधर पटेल, हरिराम और हुकूमचंद पटेल के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।








