Monday, July 13, 2026

कोरिया के चर्चित नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच शुरू, CBI की पांच सदस्यीय टीम घटनास्थल पहुंची

बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बहुचर्चित नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। सोमवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम बैकुंठपुर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। टीम चरचा स्थित पंचवटी रेस्ट हाउस में ठहरी हुई है तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने में लगी है।

जानकारी के अनुसार, सीबीआई टीम ने सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद परिस्थितियों का जायजा लिया। जांच अधिकारी इस मामले से जुड़े पुलिस दस्तावेजों, जब्त किए गए साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं। इसके अलावा मामले से जुड़े अधिकारियों और संबंधित पक्षों से पूछताछ भी की जा रही है।

30 जून को हुई थी CBI जांच की सिफारिश

गौरतलब है कि 16 जून 2026 को सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में हुए इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून को इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। अब सीबीआई ने मौके पर पहुंचकर जांच की औपचारिक शुरुआत कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, 16-17 जून की दरम्यानी रात कोरिया जिले के ग्राम कटगोड़ी में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर वाहन में सवार थे। आरोप है कि पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने उन्हें बुलाया गया, जहां पहले उन पर हमला किया गया और फिर उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को घेरकर उसमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।

इस हमले में भरत सिंह गहरवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी वीरेंद्र सिंह उर्फ वीरू और नागेंद्र सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

रेत उत्खनन विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने कथित तौर पर सुलह के बहाने बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।

इस मामले में पुलिस पहले ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब सीबीआई स्वतंत्र रूप से पूरे घटनाक्रम, साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी। शुरुआती जांच पूरी होने के बाद एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।