Saturday, July 18, 2026

डेढ़ साल पहले बनी PMGSY पुलिया पहली बारिश में बही, पनगवां गांव का सड़क संपर्क टूटा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

कोरबा। जिले के विकासखंड पसान अंतर्गत ग्राम पंचायत पनगवां का मुख्य सड़क संपर्क शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरी तरह टूट गया। सरमा से पनगवां को जोड़ने वाले मार्ग पर बकाई नाला स्थित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की अप्रोच पुलिया तेज बहाव में बह गई, जिससे पूरा गांव बाहरी क्षेत्रों से कट गया है। सड़क संपर्क टूटने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है और आवश्यक सेवाओं के संचालन पर भी संकट गहरा गया है।

जानकारी के अनुसार, क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब डेढ़ वर्ष पहले ही किया गया था। इतनी कम अवधि में पुलिया का तेज बारिश के दौरान बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया होता तो पहली ही तेज बारिश में पुलिया क्षतिग्रस्त नहीं होती।

गांव का संपर्क पूरी तरह टूटा

पुलिया बह जाने से ग्राम पंचायत पनगवां का सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आने वाले दिनों में हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्षेत्र सामान्यतः अक्टूबर-नवंबर तक डूबान की स्थिति में रहता है, जिससे गांव तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाएगा।

राशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट

सड़क संपर्क टूटने का असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पर भी पड़ने की आशंका है। उचित मूल्य दुकान तक समय पर खाद्यान्न नहीं पहुंच पाने से ग्रामीणों को राशन संकट का सामना करना पड़ सकता है। वहीं मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और अन्य जरूरतमंद लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होगी।

ग्रामीणों की मांग—जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही पुलिया का उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पुनर्निर्माण, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

लगातार हो रही बारिश के बीच यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि प्रभावित ग्रामीणों को राहत पहुंचाने और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।