Sunday, September 6, 2026

Korba News: चलते ट्रक पर सवार होकर कोरबा पहुंचा दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक, हाइड्रोलिक मशीन के पास छिपा था सांप

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। बताया जा रहा है कि यह सांप धरमजयगढ़ इलाके से एक चलते ट्रक पर चढ़ गया और ट्रक के साथ सफर करते हुए कोरबा पहुंच गया। टीपी नगर ट्रक स्टैंड में लोगों की नजर जब सांप पर पड़ी तो इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। समय रहते रेस्क्यू किए जाने से सांप की जान बच गई।

ट्रक के पीछे दिखाई दिया रंग-बिरंगा सांप

जानकारी के अनुसार, टीपी नगर स्थित ट्रक स्टैंड में एक ट्रक के पीछे लोगों ने खूबसूरत और रंग-बिरंगा सांप देखा। ट्रक चालक अनिल निषाद ने बताया कि सांप का रंग और उसका रूप सामान्य तौर पर दिखने वाले सांपों से अलग था।

सांप की पहचान नहीं होने पर चालक ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की ओर से RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) की हेल्पलाइन पर जानकारी दी गई।

मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम

सूचना मिलते ही RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव के नेतृत्व में मनस, उमेश, सौम्य और अतुल की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद टीम ने सांप की पहचान फ्लाइंग स्नेक के रूप में की।

दुर्लभ प्रजाति का सांप होने की जानकारी मिलते ही उसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई। रेस्क्यू टीम ने लोगों को सांप से दूरी बनाए रखने की अपील की।

हाइड्रोलिक मशीन के पास छिपा था सांप

रेस्क्यू के दौरान पता चला कि सांप ट्रक के पीछे लगी हाइड्रोलिक मशीन के पास छिपा हुआ था। यह जगह काफी संवेदनशील थी, क्योंकि सांप मशीन के अंदर जा सकता था। अगर वह मशीन के भीतर चला जाता तो उसे बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता था।

इसके अलावा मशीन चालू होने पर सांप के दबने या घायल होने का खतरा भी था। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी के साथ सांप को सुरक्षित बाहर निकाला।

धरमजयगढ़ से ट्रक पर चढ़ने की आशंका

ट्रक चालक अनिल निषाद के मुताबिक, ट्रक धरमजयगढ़, छाल और घरघोड़ा होते हुए सामान लेकर कोरबा पहुंचा था। आशंका जताई जा रही है कि रास्ते में किसी पेड़ से यह सांप ट्रक पर चढ़ गया होगा और चलते ट्रक के साथ ही कोरबा तक पहुंच गया।

रेस्क्यू टीम ने इसकी जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को दी। उनके निर्देश और उपवनमंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन्यजीव रेस्क्यू के नियमों का पालन करते हुए सांप को सुरक्षित निकाला गया।

उड़ता नहीं, हवा में ग्लाइड करता है फ्लाइंग स्नेक

नाम भले ही फ्लाइंग स्नेक यानी उड़ने वाला सांप हो, लेकिन यह वास्तव में पक्षियों की तरह उड़ता नहीं है। यह पेड़ों के बीच हवा में ग्लाइड करता है और अपना अधिकांश समय पेड़ों पर बिताता है।

एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक जाने के लिए यह ऊंचाई से छलांग लगाता है। इसके बाद अपने शरीर को चपटा और चौड़ा कर लेता है तथा शरीर को लहराते हुए हवा में अपनी दिशा नियंत्रित करता है।

समय पर रेस्क्यू से बची सांप की जान

ट्रक की हाइड्रोलिक मशीन के पास छिपे होने के कारण इस सांप के लिए खतरा बना हुआ था। समय रहते लोगों की नजर उस पर पड़ गई और वन विभाग तथा RCRS की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और समय पर सूचना मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है।