Sunday, September 6, 2026

SI (रेडियो) की पदोन्नति पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ज्वाइनिंग डेट नहीं कैलेंडर ईयर से गिनी जाएगी 8 साल की सेवा

बिलासपुर। सब इंस्पेक्टर (रेडियो) के पद पर कार्यरत चार पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति के लिए निर्धारित आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा की गणना कर्मचारी की वास्तविक ज्वाइनिंग तारीख से नहीं, बल्कि उस कैलेंडर वर्ष से की जाएगी, जिसमें कर्मचारी ने फीडर कैडर में नियुक्ति ली है।

2017 में नियुक्त हुए थे चारों अधिकारी

यह मामला ओम प्रकाश देवांगन, धर्मेश कुमार साहू, अपराजिता सिंह राणा और गौरव शुक्ला की ओर से दायर रिट अपील से जुड़ा था। चारों अधिकारियों की नियुक्ति वर्ष 2017 में सब इंस्पेक्टर (रेडियो) के पद पर हुई थी। उन्होंने नवंबर 2017 में सेवा ज्वाइन की थी।

छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम, 2021 के तहत सब इंस्पेक्टर (रेडियो) से इंस्पेक्टर (रेडियो) के पद पर पदोन्नति के लिए आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा निर्धारित है।

पदोन्नति के लिए 2025 से पात्र होने का दावा

याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवाएं (पदोन्नति) नियम, 2003 के नियम 6(2) के अनुसार अर्हकारी सेवा की गणना कर्मचारी के फीडर कैडर में शामिल होने वाले कैलेंडर वर्ष से की जानी चाहिए।

इस आधार पर 2017 को पहला वर्ष मानते हुए 2024 में उनकी आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा पूरी हो गई। ऐसे में वे 1 जनवरी 2025 से पदोन्नति के लिए विचार योग्य हो गए थे।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि इंस्पेक्टर (रेडियो) के सात पद रिक्त थे और वे वरिष्ठता सूची के अनुसार पदोन्नति के दायरे में आते थे।

एकल पीठ के फैसले को दी थी चुनौती

इस मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 10 अक्टूबर 2025 को याचिका खारिज कर दी थी। एकल पीठ ने माना था कि अधिकारियों की वास्तविक ज्वाइनिंग तारीख नवंबर 2017 थी, इसलिए वे अक्टूबर 2025 में आठ वर्ष की सेवा पूरी करेंगे और 1 जनवरी 2026 से पदोन्नति के लिए पात्र होंगे।

इसके बाद चारों अधिकारियों ने डिवीजन बेंच के समक्ष अपील दायर की। अपीलकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सौरभ साहू ने पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता एस.एस. बघेल ने पैरवी की।

हाईकोर्ट ने कहा- कैलेंडर वर्ष ही आधार

डिवीजन बेंच ने नियम 6(2) की व्याख्या करते हुए कहा कि नियम में अर्हकारी सेवा की गणना उस कैलेंडर वर्ष से करने का स्पष्ट प्रावधान है, जिसमें कर्मचारी ने फीडर कैडर में प्रवेश किया है।

कोर्ट के अनुसार नवंबर 2017 में नियुक्त हुए अधिकारियों के लिए 2017 पहला वर्ष, 2018 दूसरा वर्ष और इसी क्रम में 2024 आठवां वर्ष होगा। इस तरह 1 जनवरी 2025 को चारों अधिकारियों की आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा पूरी मानी जाएगी।

एकल पीठ के आदेश में हाईकोर्ट ने बताई गलती

डिवीजन बेंच ने कहा कि एकल पीठ ने वास्तविक ज्वाइनिंग तारीख के आधार पर पदोन्नति की पात्रता तय करके गलती की। जब संबंधित नियमों में कैलेंडर वर्ष को आधार बनाया गया है, तो नवंबर 2017 की वास्तविक ज्वाइनिंग तारीख के आधार पर पदोन्नति को आगे टालना उचित नहीं है।

इस फैसले के बाद सब इंस्पेक्टर (रेडियो) से इंस्पेक्टर (रेडियो) पद पर पदोन्नति की पात्रता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। मामले में वर्ष 2017 में फीडर कैडर में नियुक्त अधिकारियों की आठ वर्ष की सेवा की गणना 2017 से की जाएगी, न कि उनकी वास्तविक ज्वाइनिंग की तारीख से।