Friday, September 18, 2026

CG News: DSP को झूठे मामले में फंसाने का आरोप, S-Square कंपनी से जुड़े 3 लोगों पर FIR; कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

भिलाई। भिलाई में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें करने के मामले में सुपेला थाना पुलिस ने S-Square आयरोमैक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों में कंपनी के अधिकृत अधिकारी सतनाम सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर विभूति भूषण बाबू और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीराम गुप्ता शामिल हैं। मामला एक स्कॉर्पियो N वाहन (CG 05/AP 5000) से जुड़े विवाद से शुरू हुआ था। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्कॉर्पियो वाहन को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, कंपनी के अधिकृत अधिकारी सतनाम सिंह ने 13 अक्टूबर 2025 को जामुल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि स्कॉर्पियो वाहन DSP द्वारा वापस नहीं किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित DSP का बयान भी दर्ज किया।

इसी दौरान वाहन के मूल मालिक अंकित सिंह ने 7 नवंबर 2025 को पुलिस के सामने अपनी शिकायत रखी। जांच में वाहन को लेकर कंपनी और अंकित सिंह के बीच लेनदेन से संबंधित विवाद सामने आया।

जामुल थाना पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि मामले में किसी अपराध का गठन नहीं होता। पुलिस ने इसकी जानकारी सतनाम सिंह को 20 फरवरी 2026 और अंकित सिंह को 21 फरवरी 2026 को दी।

DSP ने लगाया लगातार झूठी शिकायतों का आरोप

मामले में वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में DSP के पद पर पदस्थ अधिकारी ने आरोप लगाया कि S-Square आयरोमैक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लोगों ने आपस में मिलीभगत कर उनके खिलाफ झूठी और तथ्यहीन शिकायतें कीं।

DSP का आरोप है कि जामुल पुलिस की जांच में स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद उसी मामले को अलग-अलग स्थानों पर उठाकर उन्हें परेशान करने का प्रयास किया गया। आरोप के मुताबिक, शिकायतों में पहले हो चुकी पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों का उल्लेख नहीं किया गया।

थाने के बाद कोर्ट पहुंचा मामला

DSP ने पहले संबंधित थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया।

कोर्ट में दिए आवेदन के अनुसार, जामुल पुलिस की जांच के बाद भी आरोपियों ने 27 मई 2026 को SP, ASP और जामुल थाना में दोबारा शिकायत की। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को सुपेला थाने में भी शिकायत की गई।

DSP की ओर से पुलिस अधिकारियों के साथ DGP, SP और मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायतें भेजे जाने की बात सामने आई है।

कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज

मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग भूपेश कुमार बसंत ने 11 सितंबर 2026 को दस्तावेजों का अवलोकन किया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आरोपों के आधार पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

इसके बाद सुपेला थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रकरण में मिथ्या सूचना देने, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने, झूठी शिकायत करने, साक्ष्य तैयार करने, छल और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित आरोपों की धाराएं शामिल हैं।

दस्तावेज और पुरानी जांच रिपोर्ट खंगालेगी पुलिस

अब सुपेला थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान पूर्व पुलिस जांच रिपोर्ट, स्कॉर्पियो से जुड़े दस्तावेज, अलग-अलग शिकायतों की प्रतियां और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या थी और क्या गलत जानकारी के आधार पर कार्रवाई कराने का प्रयास किया गया। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।