Sunday, April 26, 2026

*बालको वेदांता की चोटिया कोयला खदान बंद, सरेंडर प्रक्रिया जारी*

*कोरबा*– कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत चोटिया में बालको वेदांता द्वारा संचालित कोयला खदान का खनन कार्य बंद हो गया है। कोयले के पूरे भंडार का उत्खनन कर लिया गया है, और अब खदान को सरेंडर करने की प्रक्रिया चल रही है। इस संदर्भ में प्रबंधन द्वारा विभिन्न संबंधित विभागों में डिस्क्लोजर आवेदन दिए जा रहे हैं।

प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अब इस क्षेत्र से कोयला संबंधी किसी भी गतिविधि के लिए बालको प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा। सरेंडर प्रक्रिया के तहत खदान को विधिवत सरकार को सौंपने की तैयारी की जा रही है। आगामी नीलामी में जिसे भी कोल ब्लॉक का आवंटन होगा, वही इस क्षेत्र में आगे का संचालन करेगा।

ग्राम सलईगोट में स्थित चोटिया-2 कोल माइंस में बालको प्रबंधन ने निर्धारित कोयला का उत्खनन पूरा कर लिया है। अब खदान को विधिवत सरेंडर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तीसरे चरण में इस ब्लॉक की नीलामी होगी, जिसके बाद नए आवंटनकर्ता द्वारा खनन कार्य किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि खनन क्षेत्र नदी के निकट पहुंच चुका है, इसलिए अगले चरण में भूमिगत खदान से कोयला खनन किया जाएगा।

बालको प्रबंधन ने खनिज विभाग, वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को डिस्क्लोजर आवेदन दिया है। वहीं, यहां कार्यरत कर्मियों के भविष्य को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

उल्लेखनीय है कि बालको को एल्युमिनियम उत्पादन के लिए बिजली की जरूरतों को पूरा करने हेतु 600 मेगावाट के कैप्टिव पावर प्लांट के लिए चोटिया-1 और चोटिया-2 कोल ब्लॉक आवंटित किए गए थे। यह ब्लॉक पहले प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड (पीआईएल) चाम्पा को आवंटित था। मार्च 2015 में बालको वेदांता समूह ने सर्वोच्च बोली लगाकर चोटिया कोल ब्लॉक अपने नाम किया था, और 2018 से कानूनी अड़चनों को दूर कर खनन कार्य प्रारंभ किया गया था।