बस्तर जिले के कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कन्नड़ भाषा में तू ही रे गाना गाया है। उन्होंने कन्नड़ और हिंदी में इस गाने की रिकॉर्डिंग कर अपने सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट शेयर किया। कलेक्टर का इस अलग अंदाज और सुरीली आवाज की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जगदलपुर की बादल अकादमी में हिंदी और कन्नड़ में मिक्स सॉन्ग रिकॉर्ड किया है। करीब 1 मिनट 54 सेकंड का सॉन्ग अब वायरल भी होने लगा है। इससे पहले भी विजय दयाराम के. बस्तर की क्षेत्रीय बोली हल्बी में गाना गा चुके हैं। उस समय भी वे सुर्खियों में छाए थे।

कलाकार भी बादल अकादमी में कर सकते हैं बुकिंग
बस्तर की लोककला, संस्कृति को सहेजने के लिए जगदलपुर में बादल अकादमी की स्थापना की गई है। इस बादल अकादमी में अब रिकॉर्डिंग स्टूडियो भी बनकर तैयार हो गया है। सबसे पहला आमी आव बस्तरिया हल्बी गीत भी रिकॉर्ड किया गया था, जिसे कलेक्टर ने खुद गाया था।
बस्तर में रिकॉर्डिंग स्टूडियो की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए भी वीडियो जारी करना एक तरीका है। ताकि संगीत में दिलचस्पी रखने वाले लोग रिकॉर्डिंग के लिए रायपुर या फिर अन्य प्रदेश न जाएं। उन्हें यह सुविधा खुद के ही जिले में मिले। इसे घंटे के हिसाब से कुछ फीस के साथ बुक किया जा सकता है।

गरीबी और संघर्ष में पूरी की पढ़ाई
दरअसल, IAS विजय दयाराम के. कर्नाटक के रहने वाले हैं और अभी बस्तर जिले में पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ कैडर के 2015 बैच के आईएएस हैं। दयाराम के पिता किसान थे। गरीबी और संघर्ष में उन्होंने अपनी स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। उन्हें गाने का शौक हैं और कई बार हिंदी गाने भी रिकॉर्ड कर चुके हैं।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़कर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। पहले प्रयास में विजय असफल रहे। लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी क्रैक कर लिया। विजय की मां ने गहने गिरवी रख कर उन्हें दिल्ली यूपीएससी की तैयारी के लिए भेजा था।
विजय दयाराम की चार्टर्ड अकाउंटेंट सुप्रीदा से शादी हुई है और एक बच्चा भी है। बता दें कि साल 2015 में छत्तीसगढ़ कैडर मिलने के बाद ट्रेनिंग के लिए उनकी पहली पोस्टिंग राजनांदगांव जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर हुई थी।







