Sunday, August 9, 2026

Bilaspur High Court: कथावाचक को रेप केस में बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी जमानत; 420 के मामले में अभी जेल से नहीं निकलेंगे

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कथावाचक नरेंद्र नयन शास्त्री को दुष्कर्म के मामले में बड़ी राहत देते हुए नियमित जमानत मंजूर कर दी है। हालांकि, शास्त्री को फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिल सकेगी। उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के अलग मामले में धारा 420 के तहत जमानत नहीं मिलने के कारण वह न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।

मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आदेश पारित किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि कथित घटना के करीब तीन साल बाद FIR दर्ज की गई थी। इसके अलावा पुलिस द्वारा आरोप पत्र पेश किए जाने और आरोपी के लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने को भी जमानत पर विचार करते समय महत्वपूर्ण माना गया।

दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट ने दी नियमित जमानत

नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ बागबाहरा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(i), 376(2)(n) और 376(2)(m) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में आरोप पत्र भी न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है। हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और आरोपी की न्यायिक हिरासत की अवधि समेत अन्य तथ्यों को देखते हुए नियमित जमानत मंजूर की।

करीब तीन साल बाद दर्ज हुई थी FIR

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कथित घटना और FIR दर्ज होने के बीच के लंबे अंतराल को भी महत्वपूर्ण माना। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के करीब तीन साल बाद पुलिस में FIR दर्ज कराई गई थी।

अदालत ने जमानत पर विचार करते समय यह भी देखा कि पुलिस अपनी जांच पूरी कर चुकी है और मामले में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।

चावल के दानों से भविष्यवाणी को लेकर रहे चर्चित

नरेंद्र नयन शास्त्री चावल के दानों के जरिए भविष्यवाणी करने वाले कथावाचक के रूप में चर्चित रहे हैं। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता आंखों की बीमारी से परेशान थी और इलाज के सिलसिले में उसका परिवार कथावाचक के संपर्क में आया था।

420 के मामले ने रोकी जेल से रिहाई

दुष्कर्म के मामले में जमानत मिलने के बावजूद नरेंद्र नयन शास्त्री को तत्काल जेल से बाहर आने का रास्ता साफ नहीं हुआ है। इसकी वजह उनके खिलाफ चल रहा धोखाधड़ी का अलग मामला है।