कोरबा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी (CSPGCL) के राखड़ डैम और राख परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन दिए जाने की चर्चा के बाद महकमे में हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि राख परिवहन से जुड़ी कथित अनियमितताओं, दबाव और व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राख परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, राख परिवहन के काम में कुछ ट्रांसपोर्टरों के प्रभाव और मनमानी को लेकर विभागीय स्तर पर असंतोष की बातें सामने आती रही हैं। चर्चा है कि अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र साहू ने इन्हीं परिस्थितियों से परेशान होकर समय से पहले सेवा छोड़ने का निर्णय लिया है।









