कोरबा। कोयलांचल क्षेत्र में पिछले 20 दिनों से डेरा डाले केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने दीपका परियोजना प्रभावित ग्राम मलगांव में हुए करोड़ों के मुआवजा घोटाले की जांच पूरी कर ली है। जांच में फर्जी भूविस्थापित बनाकर और बिना संपत्ति के भी संपत्ति दर्शाकर करोड़ों रुपए के मुआवजा घोटाले का खुलासा हुआ है।
करीब 18 लोगों पर आरोप तय
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में करीब डेढ़ दर्जन (लगभग 18) लोगों पर आरोप और जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई की जा सकती है। इसमें शासन-प्रशासन के अधिकारी, SECL के कर्मचारी और कुछ स्थानीय ग्रामीण शामिल बताए जा रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का खेल
जांच में सामने आया है कि फर्जी मुआवजा पत्रक तैयार कर सांठगांठ के जरिए करोड़ों रुपए का फर्जी मुआवजा हासिल किया गया। अधिक लाभ लेने के लिए दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर भी किया गया।
इसमें तत्कालीन SDM, तहसीलदार, पटवारी, आरआई सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
चर्चित नाम भी घेरे में
सूत्रों के अनुसार, कोयलांचल के दो चर्चित नाम इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अवैध तरीके से मुआवजा हासिल किया।
अब रलिया गांव में खलबली
मलगांव की जांच पूरी करने के बाद CBI टीम ने अब गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम रलिया की ओर रुख किया है। टीम रलिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गई है।









