Sunday, July 5, 2026

बुडबुड कोयला मामला: स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने उठाए सवाल, पिछले दिनों बुडबुड खदान से किया जा रहा था अवैध कोयले का परिवहन,,ट्रक मालिक को बचाने हेल्पर और चालक को आरोपी बनाने का आरोप,, ईडी के जांच के बाद भी कोयला तस्करों के हौसले बुलंद

कोरबा। जिला कोरबा के पाली अनुविभागीय क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बुडबुड में SECL का कोयला खदान स्थित है, जो  2 सालों से सुचारू रूप से संचालित हो रहा है और प्रतिवर्ष लाखों टन का कोयला उत्खनन किया रहा है,

 

इसी को देखते हुए कोयला से जुड़े चोर व दलाल रात के अंधेरे में कोयला की चोरी करवाते है और खुले बाजार में बेच देते है, ऐसा ही एक मामला कल सामने आया।, जिसमें एक हाइवा ट्रक जिसका पंजीयन क्रमांक: CG10 AX0817 है, इस गाड़ी में कोयला लदा हुआ था, जो उक्त गाड़ी के ड्राईवर के अनुसार रात 1 बजे ग्राम बुडबुड से मजदूरों के माध्यम से कोयला लोड कराया गया, और इसको बिलासपुर जिला के रतनपुर में किसी कोयला डिप्पो पर ले जाया जा रहा था,

चूंकि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना पुरे प्रदेश में हो रहे अवैध कार्यों को उजागर करने का काम कर रही है, और समय समय पर शासन प्रशासन को अवगत कराते रहती है इस घटना को भी वायरल किया गया,

पाली थाना द्वारा मजबूरी में कार्यवाही की गई।  उकोयला चोरी के विरुध्द पाली थाना ने 41(1-4),379 के सामान्य धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है  जिससे आरोपियों को न्यायालय से आसानी से जमानत मिल गई।   सूत्रों  की माने तो पाली थाना द्वारा केवल हेल्पर और ड्राईवर के ऊपर कार्यवाही की है,,और बड़े कोयला तस्कर और उनके गाड़ी मालिक को बचा लिया गया, जबकि इस मामले में “खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21 (1)(2)(4)* के तहत कार्यवाही किया जाना था, जिसमें कठोर कार्यवाही का प्रावधान है, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने संबंधित कला तस्करों के ऊपर उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि खनिज संपदा का दोहन ना हो सके और ऐसे लोगों को सबक भी सिखाया जा सके।

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