Friday, October 16, 2026

CG News: निलंबित IPS रतनलाल डांगी की बढ़ीं मुश्किलें, विभागीय जांच में IPS पारुल माथुर को मिली जिम्मेदारी

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों से जुड़े मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है। इस मामले में उनके खिलाफ 20 अप्रैल 2026 को विभागीय आरोप-पत्र जारी किया जा चुका है। वहीं, शिकायतकर्ता महिला की आपत्ति के बाद विभागीय जांच में प्रस्तुतकर्ता अधिकारी की जिम्मेदारी IPS प्रशांत अग्रवाल की जगह IPS पारुल माथुर को सौंप दी गई है। इसके अलावा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

14 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी गई। इसके बाद अदालत ने शिकायतकर्ता की याचिका का निराकरण कर दिया। हालांकि, रतनलाल डांगी के खिलाफ विभागीय जांच अभी जारी है।

सात साल तक शोषण करने का आरोप

मामले में एक पुलिस उपनिरीक्षक (SI) की पत्नी ने रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि उनका करीब सात वर्षों तक शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया। महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के बाद पुलिस विभाग ने प्रारंभिक जांच कराई। इसके बाद मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। हाईकोर्ट में पेश जानकारी के अनुसार, रतनलाल डांगी को 20 अप्रैल 2026 को विभागीय आरोप-पत्र जारी किया गया था।

शिकायत के बाद जांच से जुड़ी जिम्मेदारियों में बदलाव

शिकायतकर्ता महिला ने प्रारंभिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। महिला ने संवेदनशील मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की थी और महिला IAS अधिकारी से जांच कराने का अनुरोध भी किया था।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने अदालत में पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने राज्य शासन के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले में जवाब मांगा था।

विभागीय जांच में पहले IPS प्रशांत अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया था। शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद इस जिम्मेदारी में बदलाव करते हुए IPS पारुल माथुर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया। वह विभाग की ओर से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।

वहीं, ADG दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के जवाबों का परीक्षण करेंगे।

पहले पद से हटाए गए, फिर हुए निलंबित

गंभीर आरोप सामने आने के बाद राज्य शासन ने रतनलाल डांगी को पहले उनके पद से हटाया और बाद में निलंबित कर दिया था। दूसरी ओर, डांगी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया था। फिलहाल वह निलंबित हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है।

हाईकोर्ट ने याचिका का किया निराकरण

14 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में DGP की ओर से अदालत को बताया गया कि अधिकारी के खिलाफ विभागीय आरोप-पत्र जारी किया जा चुका है। साथ ही, प्रस्तुतकर्ता अधिकारी में बदलाव और IPS पारुल माथुर को जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी भी दी गई।

राज्य शासन और DGP की ओर से पेश जवाब पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित रिट याचिका का निराकरण कर दिया। यह आदेश जांच प्रक्रिया से जुड़ा है। अदालत ने इस याचिका में आरोपों पर अंतिम दोषसिद्धि का निर्णय नहीं दिया है।

विभागीय जांच के नतीजों पर नजर

अब मामले में विभागीय जांच की आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के जवाबों का परीक्षण करेंगे। जांच पूरी होने के बाद निष्कर्षों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी नियमानुसार निर्णय लेगा।