तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील में घोंघा नदी में बहे तीन मासूम बच्चों की तलाश अब पूरी हो गई है। रविवार 23 अगस्त सुबह SDRF की टीम ने लगातार दूसरे दिन सर्च ऑपरेशन चलाकर 7 वर्षीय अनमोल जायसवाल का शव भी बरामद कर लिया। इससे पहले शनिवार को रिद्धी/शिक्षा का शव बरामद किया गया था। तीनों बच्चों की मौत से समडील गांव में मातम पसरा हुआ है।
सुबह 6 बजे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
SDRF की टीम ने रविवार सुबह करीब 6 बजे घोंघा नदी में दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी के तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम ने लगातार कई घंटे तक खोजबीन की। कड़ी मशक्कत के बाद अनमोल का शव नदी में कुछ दूरी पर पुल के नीचे से बरामद किया गया।
स्कूल से घर लौटते समय हुआ था हादसा
जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चे स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान घोंघा नदी पार करते समय अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए और पानी में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, ग्रामीण और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों की तलाश शुरू कर दी थी।
एक-एक कर मिले तीनों बच्चों के शव
हादसे के बाद लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। शनिवार को एक बच्चे का शव बरामद हुआ था, जबकि रविवार सुबह अनमोल का शव भी मिल गया। इस तरह नदी में बहे तीनों बच्चों की मौत की पुष्टि हो गई है।
मृतक बच्चों की पहचान अनमोल जायसवाल, पिता भुनेश्वर जायसवाल, कक्षा KG-2; स्तुति जायसवाल, पिता भुनेश्वर जायसवाल; तथा रिद्धी/शिक्षा, पिता विजय जायसवाल, कक्षा 3 के रूप में बताई गई है।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
तीनों मासूमों के शव मिलने की खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन घरों में बच्चों की चहक गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। समडील गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे से गहरे सदमे में हैं।
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
घटना के बाद पुलिस टीम रातभर मौके पर मौजूद रही। अब बरामद शवों की पंचनामा कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
तेज बहाव के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने बारिश के मौसम में नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पार करने वाले रास्तों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और चेतावनी व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।











