Monday, September 28, 2026

Chhattisgarh Coal Scam: 3 अक्टूबर को फाइनल चार्जशीट की तैयारी, 35 आरोपियों का मामला; देवेंद्र यादव से भी पूछताछ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की जांच अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 3 अक्टूबर 2026 को विशेष अदालत में फाइनल चार्जशीट पेश किए जाने की तैयारी है। मामले में करीब 35 आरोपियों के खिलाफ दर्ज FIR और जांच से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

35 आरोपियों से जुड़ा है मामला

ACB/EOW की FIR संख्या 03/2024 में 35 आरोपियों के नाम दर्ज होने का उल्लेख छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के हालिया आदेश में भी है। मामले में जांच एजेंसी ने कथित कोयला लेवी वसूली से जुड़े नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की जांच की है।

फाइनल चार्जशीट में किन आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन से आरोप शामिल किए जाएंगे, इसकी पूरी तस्वीर चार्जशीट अदालत में दाखिल होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

देवेंद्र यादव से भी हुई पूछताछ

मामले में अग्रिम जमानत हासिल कर चुके कुछ आरोपियों से EOW की पूछताछ जारी है। इसी क्रम में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव से भी EOW कार्यालय में पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उनसे करीब दो घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। किसी व्यक्ति से पूछताछ होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है।

EOW के साथ ED भी कर रही जांच

कोल लेवी मामले में EOW के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर चुका है। ED के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध लेवी वसूली गई और जांच में लगभग 540 करोड़ रुपये के अपराध से अर्जित धन की बात सामने आई। यह एजेंसी की जांच में सामने आया आरोप/निष्कर्ष है।

ऑनलाइन से ऑफलाइन हुआ था परमिट सिस्टम

जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 में कोयला परिवहन से जुड़े परमिट जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था को मैनुअल सिस्टम में बदला गया था। जांच में आरोप है कि इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कथित अवैध वसूली के लिए किया गया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेशों में भी अभियोजन के इस मामले का उल्लेख किया गया है।

चार्जशीट के बाद आगे बढ़ेगी न्यायिक प्रक्रिया

अब EOW की प्रस्तावित फाइनल चार्जशीट अदालत में दाखिल होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई होगी। चार्जशीट में शामिल आरोप, साक्ष्य और संबंधित आरोपियों की भूमिका अदालत में दस्तावेज दाखिल होने के बाद स्पष्ट रूप से सामने आएगी।