बता दें कि सीतापुर निवासी ठेकेदार अभिषेक पांडेय के पास संदीप लकड़ा राजमिस्त्री का काम करता था. ठेकेदार अभिषेक पांडेय, मुंशी प्रत्युष पांडेय और उसके साथ राजमिस्त्री संदीप को उठाकर अपने साथ ले गए थे. जिसके बाद पिटाई कर उसकी हत्या कर दी थी. हत्या के बाद आरोपी शव को मैनपाट ले गए यहां शव दफना दिया और उसके ऊपर पानी टंकी निर्माण का करा दिया.
आरोपी उसके मोबाइल को लेकर मुंबई, गोवा और अन्य जगह घूम कर पुलिस को गुमराह करते रहे. वहीं 16 जून को संदीप की पत्नी ने थाने में उसका अपहरण कर हत्या करने की आशंका व्यक्त करते हुए रिपोर्ट लिखाई थी. तीन माह तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर आदिवासी समाज ने धरना प्रदर्शन कर दबाव बनाया. इसके बाद पुलिस हरकत में आई और कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या कर शव दफनाने की बात स्वीकार की. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने पानी टंकी के नीचे से शव बरामद किया.
बता दें कि सीतापुर निवासी ठेकेदार अभिषेक पांडेय के पास संदीप लकड़ा राजमिस्त्री का काम करता था. ठेकेदार अभिषेक पांडेय, मुंशी प्रत्युष पांडेय और उसके साथ राजमिस्त्री संदीप को उठाकर अपने साथ ले गए थे. जिसके बाद पिटाई कर उसकी हत्या कर दी थी. हत्या के बाद आरोपी शव को मैनपाट ले गए यहां शव दफना दिया और उसके ऊपर पानी टंकी निर्माण का करा दिया.
आरोपी उसके मोबाइल को लेकर मुंबई, गोवा और अन्य जगह घूम कर पुलिस को गुमराह करते रहे. वहीं 16 जून को संदीप की पत्नी ने थाने में उसका अपहरण कर हत्या करने की आशंका व्यक्त करते हुए रिपोर्ट लिखाई थी. तीन माह तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर आदिवासी समाज ने धरना प्रदर्शन कर दबाव बनाया. इसके बाद पुलिस हरकत में आई और कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या कर शव दफनाने की बात स्वीकार की. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने पानी टंकी के नीचे से शव बरामद किया.








