बस्तर। छत्तीसगढ़ और झारखंड में लंबे समय से सक्रिय कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा को सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार 28 जुलाई को झारखंड के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर मिसिर बेसरा समेत उसके दो साथियों को पकड़ा। मिसिर बेसरा पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।
मिसिर बेसरा को माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में शामिल बताया जाता है। वह संगठन की पोलित ब्यूरो का सदस्य और ERB इंचार्ज रहा है। उस पर बस्तर में माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ झारखंड में सुरक्षाबलों पर हुए कई बड़े हमलों में शामिल होने के आरोप हैं।
55 जवानों की शहादत से जुड़े IED ब्लास्ट का आरोपी
मिसिर बेसरा पर झारखंड में हुए एक बड़े IED ब्लास्ट से जुड़े होने का आरोप है, जिसमें 55 जवानों की शहादत हुई थी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में भी उसके संगठनात्मक नेटवर्क को फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की बात सामने आई है।
सुरक्षाबलों के लिए उसकी गिरफ्तारी को माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
अब नक्सली गणपति पर नजर
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब माओवादी संगठन के एक अन्य शीर्ष नेता गणपति पर है। बताया जा रहा है कि गणपति के नेपाल में छिपे होने की खबर है।
गणपति पहले माओवादी संगठन का महासचिव रह चुका है। बाद में बसवा राजू ने यह जिम्मेदारी संभाली थी। बसवा राजू माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और 21 मई 2025 को एक मुठभेड़ में मारा गया था।
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद 8 नक्सलियों का सरेंडर
इधर मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार झारखंड में सक्रिय रहे 8 नक्सलियों ने बीजापुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।
सरेंडर करने वाले माओवादियों में 5 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल मिलाकर करीब 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
माओवादी नेटवर्क पर बढ़ता दबाव
एक तरफ झारखंड में बड़े इनामी नक्सली मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी और दूसरी ओर बीजापुर में 8 माओवादियों के आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों की रणनीति की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
लगातार गिरफ्तारी, मुठभेड़ और आत्मसमर्पण के चलते छत्तीसगढ़ और झारखंड में माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब संगठन के अन्य बड़े नेताओं और सक्रिय कैडरों पर भी नजर बनाए हुए हैं।











