Tuesday, August 4, 2026

जिले में सक्रिय हुए कोयला और डीजल चोर, चोरी का डीजल कम दाम में खरीद रहे कुछ पेट्रोल पंप संचालक

कोरबा। कोरबा जिले में कोयला चोर, डीजल चोर, कबाड़ चोरों के हौसले कुछ हद तक पस्त जरूर हुए है लेकिन ये पूर्ण रूप से शांत नहीं हुए है। कोरबा में कोयला चोरी रोकने के आदेश खदान प्रबंधन ने जरूर किए हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार सिर्फ कोयला चोरी ही नहीं बल्कि कोरबा की खदानों से डीजल चोरी का खेल भी बड़े पैमाने पर जारी है । सूत्रों के अनुसार जिले की प्रमुख खदान कुसमुंडा, गेवरा और दीपका से रोज हजारों लीटर डीजल की चोरी हो रही है। तीनों खदानों से लगभग 30 हजार लीटर डीजल की चोरी होती है जिसकी कीमत बाजार में 3 लाख रूपए है।

मिली जानकारी के अनुसार चोरी के इस डीजल को खपाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है । बड़े-बड़े ट्रांसपोर्टर यहां तक की पेट्रोल टंकी को भी यह डीजल भेजा जाता है। डीजल माफिया इसे 80 से 90 प्रति लीटर तक की कीमत पर बाजार की भाव से 10 से ₹20 कम पर इन्हें डीजल उपलब्ध कराते हैं । संगठित तौर पर जिले में माफिया डीजल चोरी में सक्रिय है। जिसमें सफेदपोश लोग भी शामिल है कि बिना संरक्षण इस तरह का अपराध संभव ही नहीं है।
यही है जिले में कोयला चोरों का भी है जो अब रेलवे साइडिंग से सांठगांठ कर अपना खेल खेल रहे है।

सूत्र बताते हैं कि बरपाली साइडिंग से लगभग 70 ट्रक कोयला लोड कर बेचा गया है। स्थानीय रहवासियों की माने तो कोयला के धंधे की वजह से हर रात रेलवे साइडिंग में अवैध गतिविधि में संलिप्त रहने वाले लोगों का जमावड़ा रहता है।
बताते चले कि संदेश ट्रेडिंग कंपनी को अडानी और हिन्द एनर्जी के कोयला रैक के भार संयोजन यानी जिसमें अधिक है, उसे दूसरे डिब्बे में डालने और रेलवे ट्रैक में गिरे कोयले को साफ करने की अनुमति रेलवे द्वारा दी गई है।जिले में बदले माफिया राज पर पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि अवैध कृत्यों पर रोक लगाई जा सके।