Tuesday, October 6, 2026

छोटे-छोटे गुटों में विभक्त हुआ कोरबा भाजपा? आने वाले चुनाव में हो सकता है नुकसान, शीर्ष नेताओं को ध्यान देने की आवश्यकता

रायपुर। रायपुर में शुक्रवार से कांग्रेस का अधिवेशन शुरू हो गया है आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर इस अधिवेशन को अहम माना जा रहा है देश में कुछ ही राज्यों में बची कांग्रेस सरकार जहां अपने अस्तित्व को बचाने एड़ी चोटी का जोर लगा रही है वही देश की प्रमुख पार्टी बनी भारतीय जनता पार्टी कोरबा में आपसी गुटबाजी के कारण लगातार असफल हो रही है चाहे वह उनके ही द्वारा किया गया घेराव या फिर अन्य आंदोलन छोटे-छोटे गुटों में नेता के कारण पार्टी को लगातार कोरबा में मुंह की खानी पड़ी है।

कोरबा की चार विधानसभा में एक को छोड़ दे तो बाकी की विधानसभा सीट कांग्रेस के पास है इसके बाद भी जिले में भाजपा नेताओ का रवैया ऐसा ही रहा तो आने वाले चुनाव में चारों सीट कांग्रेस की झोली में जाएगी इसमें कोई दोराय नहीं है।

पिछले दिनों जहां मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं की महापौर ने खिल्ली उड़ाई थी। वह कुछ हद तक सही भी है।। क्योंकि यहां पर अधिकतर नेता नदारद नजर आए।। जबकि यहां पर कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक कर रहे थे। फिर भी पार्टी के छोटे नेता यहां पर अनुशासन हीनता का परिचय देते हुए धरना स्थल से चले गए थे। यही कारण है कि कोरबा महापौर राजकिशोर प्रसाद उन्हें निशाने पर लिया था।

विधानसभा चुनाव के लिए अब कुछ ही समय शेष है। कांग्रेस जहां अधिवेशन कर पार्टी को मजबूती प्रदान कर रही है । वही भाजपा केंद्र में मजबूत होने के बाद भी कोरबा में अपनी पैठ नहीं बना पा रही । आपसी गुटबाजी का नुकसान यहां पर पार्टी को हो रहा है। ऐसे में प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं को चाहिए कि वे कोरबा जिले पर विशेष निगरानी करें और ऐसे अनुशासनहीन कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित करें ताकि आने वाले चुनाव में उन्हें ऐसे नेताओं के कारण हार का सामना ना करना पड़े।