Sunday, April 5, 2026

DMF फंड से खरीदी की जांच तेज… DEO कार्यालय के दस्तावेज कलेक्टर ऑफिस में जमा…

कोरबा। क ,ख,ग पढ़ना-पढ़ाना की मेन लाइन छोड़कर लूप लाइन में दुकानदारी सजाने वाले शिक्षा विभाग की खरीदी अब जांच के रडार में है। विभाग में DMF फंड से हुए सारे खरीदी के रिकार्ड की जांच के लिए कलेक्टर कार्यालय में जमा कराया गया है। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने शिक्षा को अपनी प्राथमिक कार्यों की सूची में प्रथम स्थान पर रखा है।सो स्पष्ट है कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही देश-प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य को लेकर वे बर्दाश्त नहीं करेंगी। पिछले दिनों ही अपने एक आदेश में उन्होंने कड़ा संदेश दिया था कि समस्त हुई खरीदी का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और उसके बाद ही चेक कटेंगे।

उल्लेखनीय है कि डीएमएफ मद से हुए करोड़ो की खरीदी में जांच शुरू हो गया है। सामग्री खरीदी की भौतिक सत्यापन की तैयारी की जा रही है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक स्कूलों के लिए हुए सामग्री खरीदी  के समस्त दस्तावेजों को जब्त कर कलेक्टर कार्यालय में जमा कराया गया है। इधर जांच की आंच से ख़बराये डीईओ ने कुर्सी बचाने की जुगाड़ में कई प्रयास किए है लेकिन अंततः उनका स्थानांतरण मुंगेली हो गया। यही वजह है कि शिक्षा विभाग से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विभाग के दामन में लगे दाग को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के फर्जी कार्यो का गलत तरीके से गुणगान कराया जा रहा हैं। इन सारे घटनाक्रम से यह तो स्पष्ट हो गया है कि नए DEO पुराने ढर्रे पर चलने के स्थान पर कलेक्टर की मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्यों को प्रगति के सोपान पर ले जाएंगे।