बिलासपुर: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की विभिन्न परियोजनाओं में भू-विस्थापित महिलाओं ने रोजगार न मिलने के कारण अर्धनग्न प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। पचीयन क. 27884 भू-विस्थापित रोजगार एकता महिला किसान संघ ने एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर के अध्यक्ष सह-प्रबंध निदेशक को लिखे पत्र में यह आरोप लगाया है कि उनकी भूमि के अर्जन के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं दिया गया है।

महिला संघ ने एसईसीएल के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी मिलीभगत से बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, जबकि भू-विस्थापित परिवारों की महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। इस संबंध में कई बार आंदोलन करने के बावजूद भी उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है, लेकिन किसी प्रकार का समाधान नहीं हुआ है।
महिलाओं ने बताया कि वे एसईसीएल प्रबंधन के इस तानाशाही रवैये से तंग आ चुकी हैं और अब वे 26 जुलाई 2024 को कारगिल विजय दिवस के दिन एसईसीएल मुख्यालय के सामने अर्धनग्न प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। अगर 25 जुलाई 2024 तक उनके लंबित रोजगार प्रकरणों को एक बारगी समाधान के तहत नहीं निपटाया गया तो वे अपने वादे के अनुसार प्रदर्शन करेंगी।
इस प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन, विशेषकर अध्यक्ष सह-प्रबंध निदेशक डॉ. प्रेम सागर मिश्रा पर होगी।
महिलाओं ने इस पत्र की प्रतिलिपि महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, कोयला एवं खान मंत्री, सांसद राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भी भेजी है।
एसईसीएल प्रबंधन ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार किया है, जबकि स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार हैं।
भू-विस्थापित महिलाओं का यह आंदोलन उनके अधिकारों की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके द्वारा उठाए गए इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि वे अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एसईसीएल प्रबंधन और सरकार उनके इस गंभीर आरोप का क्या जवाब देती है और कैसे उनके मुद्दों का समाधान करती है।











