
कुसमुंडा क्षेत्रवासियों के भाग्य से जाम का साया हटने का नाम नहीं ले रहा है, बीते कुछ दिनों से फिर से एक बार भारी वाहनों की कतार मुख्य मार्ग पर कई किलोमीटर तक लग रही है, जिससे आमजन परेशान हो रहे हैं जाम खुलवाने में पुलिस के भी पसीने छूट रहे हैं ।
भारी वाहनों की यह “जाम” इमली छापर फाटक से लेकर दाएं तरफ शिव मंदिर चौक की ओर खमरिया मोड़ तक तो कभी- कभी डंफर पुल तक और इमली छापर चौक से बाई तरफ कुचेना मोड़, एन टी पी सी पुल तक लग रही है, जिस वजह से इस मार्ग पर चलने वाले हल्के वाहन जाम में फंसे हैं। कई बार तो थाना चौक पर घंटों तक हल्के वाहन भारी वाहनों के बीच फंसे रहते हैं दुपहिया वाहन चालक भी इस जाम से बाहर नहीं निकल पाते ।
जाम की मुख्य वजह एक नहीं अनेकों है, १) पहली वजह कोयला लदान में कीर्तिमान गढ़ने में सहयोगी इमली छापर फाटक का लगातार बंद होना, २) दूसरी वजह कुसमुंडा थाना चौक से गेवरा टिपर मार्ग पर चल रहा सीसी रोड निर्माण कार्य, ३)तीसरी वजह कुसमुंडा खदान में कोयला लदान के लिए भारीवाहनों के लिए एंट्री में देरी,४) चौथी वजह इमली छापर चौक से लगा लक्ष्मण नाला का सकरा पुल जिसमें एक समय में एक वाहन ही गुजर पाती है,५)पांचवीं वजह इमली छापर चौक के पास बने विशालकाय गड्ढे, इन तमाम वजहों से भारी वाहनों की कतार मुख्य मार्गों पर लगी रहती है जिससे हल्के वाहन चालक जाम में फस जाते हैं।
कुचेना मोड से लेकर शिवमंदिर चौक तक दुकानों के सामने 24 घंटे खड़े भारी वाहनों की वजह से उनका व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
इमली छापर क्षेत्र में फोर लेन का काम हुआ बंद.. इमली छापर क्षेत्र में फोर लेन निर्माण कार्य शुरू होते होते रह गई, आज 2 साल बीत गए जिनके घर तोड़े गए वह आज भी उसी अवस्था में है, सड़क नहीं बनने की वजह से लोग निर्माण कार्य नहीं कर पा रहे हैं और ना ही मलबा हटा पा रहे हैं, दूसरी और इमली छापर चौक के पास सड़क निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों में राखड डालकर छोड़ दिया गया जो आज भी जस के तस पड़ा हुआ है।
इधर पता चला है कि इमली छापर फाटक पर ओवरब्रिज बनने की वजह से इमली छापर की तरफ फोरलेन निर्माण कार्य भी बंद कर दिया गया है। अब आप ही बताइए कि मकानों को तोड़ने से पहले यह सारी व्यवस्थाएं सोची नहीं गई, सड़क किनारे खोदे गए गड्ढों को खोदने से पहले यह भी नहीं सोचा गया कि क्षेत्र की जनता कितनी परेशान होगी प्रशासन के जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी की कार्यशैली इतनी अनियमितताओं से भरी है कि उन्हें आम लोगों के जन जीवन शैली से कोई सरोकार नहीं है आमजन परेशान होते रहे और वे अपना काम मनमाने ढंग से करते रहे। यहां पर पूर्ण रूप से प्रशासन जिम्मेदार है जिसकी देखरेख में यह सारे अधूरे कार्य हुए हैं, जिस वजह से क्षेत्र की जनता बीते 2 वर्षों से बेहद परेशान है।

कोरबा कुसमुंडा मुख्य मार्ग पर इमलीछापर चौक से शिव मंदिर चौक तक SECL kusmunda द्वारा बनाई आधी अधूरी सड़क अब भारी वाहनों के लगातार परिचालन से टूट रही है। सड़क अब गड्ढों में तब्दील होने लगी है कई स्थानों से दरारे और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं सड़क टूट रही है। आपको बता दें कुसमुंडा क्षेत्र के व्यापारियों ने आमजनो के साथ मिलकर बड़े आंदोलन कर इस भयानक गड्ढों वाली सड़क को डामरी कृत बनवाने कड़ी मेहनत की थी, सड़क पर जैसे-तैसे तो बन गई परंतु अब लगातार भारीवाहन के परिचालन से यह सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो रही है इस सड़क के बगल में दो और सड़क है जिसमें एक सड़क कोरबा कुसमुंडा मार्ग फोरलेन के तहत सीसी रोड बनी है जो अभी आधी ही बन पाई है।
इसके अलावा एक और मार्ग जिस पर हल्के वाहन जैसे तैसे आवागमन कर रहे हैं। वो भी इमली छापर लक्ष्मन नाला पुल पर फंस रहें हैं। अगर समय पर सीसी रोड का निर्माण इमली छापर चौक तक हो जाता तो उस पर भारी वाहनों को चलाया जा सकता था परंतु इमली छापर फाटक पर आने वाले समय में ओवरब्रिज निर्माण की वजह से इस कार्य को भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया है । कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि कुसमुंडा क्षेत्र की जनता को अच्छी सड़क और जाम इत्यादि से बचने के लिए अभी और लंबा इंतजार करना होगा।











